ताइपे, रायटर। अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोत शनिवार को ताइवान स्ट्रेट से होकर गुजरे। इसे चीन के पड़ोसी स्वशासित द्वीप ताइवान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन का नतीजा माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में चीन के साथ अमेरिका की तनातनी बढ़ने का अंदेशा है। उल्लेखनीय है कि ताइवान को चीन अपने अधिकार और प्रभाव वाला इलाका मानता है। वहां किसी दूसरे देश की दखलअंदाजी को चीन पसंद नहीं करता।

अमेरिकी नौसेना के प्रशांत क्षेत्र बेड़े के प्रवक्ता कैप्टन चार्ली ब्राउन के अनुसार दो अमेरिकी विध्वंसक मस्टिन और बेनफोल्ड सात और आठ जुलाई की रात में ताइवान स्ट्रेट से होकर गुजरे। उनका संचालन अंतरराष्ट्रीय जलसीमा के जरिये हुआ। इस जलमार्ग से अमेरिकी युद्धपोत पहले भी जाते रहे हैं। इससे पहले 2007 में अमेरिकी विमानवाहक पोत ताइवान स्ट्रेट में गया था। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा, अमेरिकी विध्वंसक उत्तर-पूर्वी दिशा में गए। दोनों विध्वंसक का संचालन अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार हुआ। अमेरिका और ताइवान के बीच वैसे तो कोई रणनीतिक समझौता नहीं है। लेकिन अमेरिका इस द्वीपीय राष्ट्र को हथियारों की आपूर्ति करता रहता है। जबकि चीन ताइवान को अमेरिका के साथ अपने द्विपक्षीय रिश्ते का सबसे संवेदनशील बिंदु मानता है।

चीन के सरकार द्वारा संचालित अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक अमेरिका ताइवान के मुद्दे पर चीन के साथ मनोवैज्ञानिक खेल, खेल रहा है। ऐसे में चीन शांत है और संयम बरत रहा है। विश्लेषक ताइवान स्ट्रेट में अमेरिकी विध्वंसकों की ताजा आमद-रफ्त को अमेरिका-चीन के व्यापार युद्ध से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें अमेरिका चीन पर दबाव बढ़ाने के लिए नया मोर्चा खोलने का संकेत दे रहा है।

Posted By: Manish Negi

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