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TB2 का नया अवतार: तुर्किए बना रहा घातक हथियार, 16 आत्मघाती ड्रोन्स लेकर भरी उड़ान

Published: Thu, 05 Nov 2026 08:10 PM (IST)

तुर्किए के बायराक्तार TB2 ड्रोन ने 16 कामिकेज ड्रोन्स को एयरबोर्न कैरियर के रूप में ले जाकर दो लक्ष्यों को ...और पढ़ें

तुर्किए ने बायराक्तार TB2 को दिया नया अवतार

तुर्किए ने बायराक्तार TB2 को दिया नया अवतार

HighLights

  1. TB2 ने 16 स्काईडैगर FPV ड्रोन्स के साथ उड़ान भरी।

  2. हवा से दो लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया।

  3. FPV ड्रोन्स की मारक क्षमता हजारों किलोमीटर बढ़ी।

डिजिटल डेस्क, अंकारा। तुर्किए अपने वायराक्तार TB2 कॉम्बैट ड्रोन को एक नई भूमिका दे रहा है, जिसके तहत इसे छोटे कामिकेज ड्रोन्स के लिए एक एयरबोर्न कैरियर में बदला जा रहा है। हाल ही में हुए एक सफल परीक्षण में TB2 ने एक साथ 16 अटैक ड्रोन्स के साथ उड़ान भरकर दो लक्ष्यों को हवा से ही नष्ट कर दिया।

तुर्किए की प्रमुख रक्षा निर्माता कंपनी बायकार द्वारा किया गया यह परीक्षण साबित करता है कि अब एक अकेला बड़ा ड्रोन किस तरह से आसमान से पूरे ड्रोन झुंड को लॉन्च कर दुश्मन के एयर डिफेंस को नाकाम कर सकता है।

केशण टेस्ट सेंटर में सफल परीक्षण

बायकार के अनुसार यह ऐतिहासिक परीक्षण उत्तर-पश्चिमी तुर्किए स्थित केशण फ्लाइट ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर में संपन्न हुआ।उड़ान के दौरान बायराक्तार TB2 ने अपने विंग्स और पेलोड बे में 16 'स्काईडैगर' (Skydagger) FPV कामिकेज़ ड्रोन्स को लोड किया।

तय परीक्षण क्षेत्र में पहुंचते ही TB2 से दो स्काईडैगर ड्रोन्स को हवा में ही छोड़ा गया। दोनों आत्मघाती ड्रोन्स ने अपने-अपने लक्ष्यों पर सटीक और अचूक हमला कर उन्हें तबाह कर दिया।

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान बायराक्तार TB2 ने हवा में मौजूद एक कम्युनिकेशन रिले स्टेशन की तरब काम किया। इससे जमीन पर बैठे सैन्य ऑपरेटरों को इन छोटे ड्रोन्स का पूरा नियंत्रण मिला और लंबी दूरी के बावजूद सिग्नल में कोई रुकावट नहीं आई।

15 किमी की रेंज वाले ड्रोन्स अब मारेंगे हजारों किमी दूर

बायकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हलूक बायराक्तार ने इस तकनीक को आधुनिक सैन्य रणनीति का एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।

उन्होंने कहा, '16 स्काईडैगर FPV ड्रोन्स को ले जाने और एयरबोर्न कम्युनिकेशंस रिले के रूप में कार्य करने वाला बायराक्तार TB2, युद्धक्षेत्र में एक बिल्कुल नई सैन्य रणनीति (Military Doctrine) की नींव रख रहा है।'

हलूक बायराक्तार ने समझाया कि आम तौर पर युद्ध के मैदान में जमीन से लॉन्च किए जाने वाले FPV ड्रोन्स की मारक क्षमता महज 15 किलोमीटर के दायरे तक सीमित होती है। लेकिन जब इन्हें TB2 जैसे लंबी दूरी के ड्रोन पर लोड करके आसमान से रिलीज किया जाता है, तो ये छोटे आत्मघाती ड्रोन्स हजारों किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के ठिकानों तक पहुंच सकते हैं।

जानिए कितना ताकतवर है बायराक्तार TB2

बायराक्तार TB2 एक 'मीडियम-ऑल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस यानी मध्यम ऊंचाई पर लंबी अवधि तक उड़ान भरने वाला मानवरहित कॉम्बैट ड्रोन है, जिसे तुर्किए की कंपनी बायकार ने विकसित किया है।

इसे खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने, टोह लेने और सटीक हमले करने जैसे मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है। यह ड्रोन लंबी उड़ान क्षमता के साथ-साथ गाइडेड हथियारों को ले जाने की खूबी भी रखता है।

इसकी कम परिचालन लागत और युद्ध के मैदान में इसके सफल रिकॉर्ड ने इसे तुर्किए के सबसे ज्यादा निर्यात किए जाने वाले सैन्य ड्रोन्स में से एक बना दिया है।

यह 150 किलोग्राम तक का पेलौड ले जा सकता है, जिसमें निगरानी उपकरण और सटीक निशाना लगाने वाले हथियार शामिल हैं।100 हॉर्सपावर के इंजन से लैस, इसकी अधिकतम गति 110 नॉट है, क्रूजिंग गति 90 नॉट है और यह 16000 फीट की ऊंचाई तक भर सकता है।

यह विमान 20 घंटे से अधिक समय तक लगातार उड़ान भर सकता है और इसकी अधिकतम ऑपरेशनल रेंज 3,400 किमी है। यह 'लाइन-ऑफ-साइट' (सीधी दृष्टि रेखा) और 'बियॉन्ड-लाइन-ऑफ-साइट' (दृष्टि रेखा से परे) दोनों तरह के संचार प्रणालियों को सपोर्ट करता है, जिससे यह लंबी दूरी तक काम कर सकता है।

आधुनिक युद्धनीति में क्यों गेम चेंजर है यह तकनीक

यूक्रेन और पश्चिम एशिया के ताजा युद्धों ने यह साफ कर दिया है कि महंगे एयर डिफेंस सिस्टम छोटे और सस्ते आत्मघाती ड्रोन्स के आगे संघर्ष करते हैं। तुर्की का यह नया मॉडल तीन बड़े बदलाव लेकर आया है।

छोटे FPV ड्रोन्स को अब दुश्मन के रडार और सीमाओं के पार जमीनी रास्तों से ले जाने की जरूरत नहीं होगी, बड़ा ड्रोन उन्हें सीधे टारगेट जोन के ऊपर छोड़ सकता है।

जमीन से लंबी दूरी पर FPV ड्रोन्स का सिग्नल अक्सर टूट जाता है या उन्हें आसानी से जैम कर दिया जाता है। TB2 आकाश में रहकर खुद सिग्नल बूस्टर बन जाता है, जिससे जमीन पर मौजूद ऑपरेटर अंतिम क्षण तक ड्रोन के कैमरे (FPV) से सटीक निशाना साध सकते हैं।

एक महंगी क्रूज मिसाइल की जगह 16 छोटे कामिकेज़ ड्रोन्स का झुंड दागने से दुश्मन का एयर डिफेंस भ्रमित हो जाता है और हमलों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

 

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