बैंकॉक, रायटर। थाइलैंड के चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री पद के लिए राजकुमारी उबोलरत्ना राजकन्या की उम्मीदवारी रद कर दी है। आयोग ने कहा कि शाही परिवार के सभी सदस्य राजनीति से ऊपर हैं और उन्हें निष्पक्ष रहना चाहिए।

वर्ष 1932 में संवैधानिक राजतंत्र बनने के बाद से थाइलैंड के शाही परिवार ने राजनीति से दूरी बना रखी है। इसी के चलते राजकुमारी के बड़े भाई और थाई नरेश महा वजीरालोंगकोर्न ने भी बीते शनिवार को शाही फरमान जारी कर 67 वर्षीय उबोलरत्ना की उम्मीदवारी पर रोक लगा दी थी। उन्होंने अपनी बहन की उम्मीदवारी को अनुचित और असंवैधानिक करार दिया था।

आयोग ने कहा कि शाही परिवार के सभी सदस्य राजनीति से ऊपर हैं

आगामी आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी का एलान कर उबोलरत्ना ने सबको हैरान कर दिया था। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा के समर्थकों द्वारा गठित थाई रक्षा चार्त पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया था। चुनाव आयोग में इस पार्टी को प्रतिबंधित करने के लिए भी एक याचिका दायर की गई है।

आयोग ने इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। वर्ष 2014 में शिनावात्रा सरकार के तख्तापलट के बाद थाइलैंड में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। 24 मार्च को होने वाले इस चुनाव में देश के सैन्य शासक प्रयुत चान ओचा भी खड़े हैं। राजकुमारी के चुनाव नहीं लड़ने से उनकी राह आसान हो सकती है।

Posted By: Bhupendra Singh