बैंकॉक (एजेंसी)। थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 बच्चों को सकुशल बचा लिया गया है। लेकिन गुफा से बाहर आने के बाद मेडिकल जांच के मुताबिक उनका स्वास्थ्य सही नहीं बताया जा रहा था जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक उनमें निमोनिया के लक्षण पाए गए थे। अस्पताल में भर्ती इन लड़कों की तस्वीरें अब सामने आ रही हैं। एक वीडियो में दिखाया गया है कि उनमें से एक लड़का कैमरे की तरफ विजय का  प्रतीक दिखाकर मुस्कुरा रहा था।

वहीं अन्य लड़के अस्पताल के बिस्तर पर आराम करते हुए नजर आ रहे थे। उनके पास बैठी नर्सें अपने चेहरे पर मास्क और हाथों में ग्लव्स पहने नजर आ रही थीं। उनके अभिभावक पास में खड़े रोते हुए नजर आ रहे थे। लेकिन अस्पताल में उन्हें संक्रमण के डर से बच्चों से दूर रखा जा रहा था। पूर्व थाई नेवी सील कमांडर ने बताया कि बच्चे थोड़े बीमार थे लेकिन वे सांसें ले रहे थे।

उन्होंने ये भी कहा कि लड़कों के हर वक्त स्वास्थ्य जांच की जरुरत है। उन्होंने बताया कि उनका काम था उन्हें गुफा से बाहर निकालना। इस रेस्क्यू मिशन में 13 विदेशी गोताखोर शामिल थे जिसमें आधे ब्रिटिश गोताखोर शामिल थे।

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि लड़कों को अस्पताल मेें लगभग 10 दिन तक रुकना होगा और उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में अभी एक महीने का वक्त लग सकता है। उन्होंने कहा कि बचाए गए सभी बच्चे, उनके कोच और नेवी सील की हालत अब ठीक है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे तीन दिन तक चला था। पहले दिन रविवार को चार बच्चे बचाए गए और अन्य चार बच्चों को सोमवार को निकाला गया जबकि अन्य बचे चार को मंगलवार को गुफा से बाहर निकाला गया।

किसी को गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं

एक मेडिकल टीम ने बुधवार को कहा कि 12 बच्चों और उनके कोच एकापोल चांगथ्वांग का वजन दो किलो तक घट गया है। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सकों ने कहा कि वजन में कमी होने से उनकी जिंदगी पर कोई खतरा नहीं है। मेडिकल टीम के एक सदस्य ने प्रेस वार्ता में कहा कि पांच बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए हैं, क्योंकि इन्हें 18 दिनों तक कठिन परिस्थितियों और पानी के ठंडे तापमान का सामना करना पड़ा। लेकिन, किसी को गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है।

इस तरह फंसे थे थाईलैंड की गुफा में बच्चे

23 जून को वाइल्ड बोर्स टीम ने फुटबॉल मैच खेला और उसके बाद टैम लूंग गुफा तक जा पहुंचे। टीम के साथ उनके कोच भी थे। फुटबॉल टीम जैसे ही गुफा के अंदर पहुंची तेज बारिश शुरू हो गई और गुफा में पानी भर गया।

साथ ही गुफा से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। 2 जुलाई को बच्‍चों के गुफा में फंसे होने की बात पता चली। इसके बाद उन्हें खाने का सामान और दवाइयां भेजी गई। रविवार से मंगलवार तक तीन दिनों में सभी बच्‍चों व कोच को निकालने में सफलता मिली।

 

Posted By: Srishti Verma

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