काबुल, एपी। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होने वाले तालिबान का असली चेहरा सामने आता जा रहा है। उसने महिला मामलों के मंत्रालय को बंद कर दिया है। इसकी जगह पर महिलाओं पर पाबंदी लगाने वाले एक मंत्रालय की स्थापना की है। महिला मंत्रालय जिस भवन में रहा, वहां काम करने वाले विश्व बैंक कार्यक्रम के स्टाफ को जबरन बाहर कर दिया गया है।

नए मंत्रालय का बोर्ड भी लगा दिया गया

काबुल पर कब्जा करने के महज एक माह बाद तालिबान का महिलाओं के अधिकारों पर पाबंदी लगाने का यह ताजा मामला है। तालिबान ने अपने पूर्व के शासन में लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा के अधिकार से वंचित करने के साथ उनके सार्वजनिक जीवन पर भी पाबंदी लगा दी थी। काबुल में महिला मंत्रालय के बाहर शनिवार को उस समय नया घटनाक्रम देखने को मिला, जब यह एलान किया गया कि अब यह उपदेश, मार्गदर्शन, नैतिकता का प्रचार और दुराचार उन्मूलन मंत्रालय होगा। इस जगह पर नए मंत्रालय का बोर्ड भी लगा दिया गया है।

विश्व बैंक के कर्मचारियों को किया जबरन बाहर

यही नहीं, विश्व बैंक के दस करोड़ डालर के महिला आर्थिक सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास कार्यक्रम के कर्मचारियों को भी जबरन बाहर कर दिया गया। अफगान वूमेंस नेटवर्क की प्रमुख मबौबा सुराज ने कहा कि वह तालिबान सरकार द्वारा महिलाओं और लड़कियों पर पाबंदी लगाने के आदेशों से सहमी हैं। बता दें कि तालिबान ने तकरीबन पूरे अफगानिस्तान पर नियंत्रण पाने के बाद गत 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा कर लिया था। उसने समावेशी सरकार बनाने और महिलाओं को शामिल करने का वादा किया था। लेकिन अंतरिम सरकार में किसी महिला को जगह नहीं दी गई है।

लड़कों का स्कूल खुला, लेकिन लड़कियों का जिक्र नहीं

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार, तालिबान के नेतृत्व वाले अफगानिस्तान के शिक्षा मंत्रालय ने लड़कों के लिए 12वीं तक के सभी स्कूलों को खोलने का आदेश दिया है। हालांकि इन स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों का कोई जिक्र नहीं किया गया है। लड़कों के लिए शनिवार से स्कूल खोले गए। इससे पहले तालिबान के शिक्षा मंत्री ने कहा था कि लड़कियों को समान रूप से शिक्षा हासिल करने का अधिकार दिया जाएगा।

Edited By: Arun Kumar Singh