खारतूम, रायटर। सूडान के सर्वोच्च जनरल अब्देल फत्तह अल-बुरहान ने सैन्य तख्तापलट का बचाव करते हुए कहा कि देश को गृहयुद्ध से बचाने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री अब्दल्ला हमदोक की सरकार को अपदस्थ करना पड़ा है। इस बीच, तख्तापलट के दूसरे दिन भी सूडान की राजधानी की सड़कों पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन जारी हैं। जनरल अब्देल फत्तह अल-बुरहान ने मंगलवार को अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हमदोक अपने ही घर में नजरबंद हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि सेना को विवश होकर सत्ता की बागडोर अपने हाथों में लेनी पड़ी क्योंकि राजनेताओं का रुख पूरी तरह से सेना के खिलाफ हो गया था। इस बीच, स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को तख्तापलट के बाद हिंसक झड़पों में सात लोगों की मौत हो चुकी है। नील नदी के किनारे बसे शहर खारतूम और ओमदुरमन में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दुकानें बंद कर दी गई हैं और सड़कों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा जलाए गए टायरों का धुआं देखा गया।

सूडान में सेना ने तख्तापलट कर दिया है। सोमवार रात को सेना ने सरकार से सत्ता छीन ली और देश पर शासन का ऐलान कर दिया। इसके बाद देश के नागरिक सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन प्रदर्शनों में 7 लोगों की जान गई, जबकि 140 लोग घायल हो गए। तख्तापलट की अगुआई करने वाले नेता जनरल अब्दल फत्ताह अल-बुरहान ने सैन्य-नागरिक शासक समिति को भी भंग कर दिया। इस काउंसिल का गठन दो साल पहले तानाशाह ओमार अल-बशीर को सत्ता से हटाने के बाद देश में डेमोक्रेसी लागू करने के लिए किया गया था।

2023 चुनावों में चुनी गई सरकार को सत्ता सौंपी जाएगी

बुरहान ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि सेना को देश की हिफाजत करनी होगी। उन्होंने वादा किया कि जुलाई 2023 में चुनाव होंगे और तब चुनी गई सरकार को सत्ता सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश अभी जिस दौर से गुजर रहा है, उससे युवाओं के सपने और देश की उम्मीदें खतरे में आ गई हैं। ​​​​​​

Edited By: Shashank Pandey