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ढाका, प्रेट्र। बांग्लादेश की एक अदालत ने सूफी दरगाह की देखभाल करने वाले रहमत अली की हत्या में शामिल जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के स्थानीय कमांडर मसूद राना समेत सात आतंकियों को मौत की सजा सुनाई है। इन लोगों ने नवंबर, 2015 में रहमत अली की गला रेतकर हत्या कर दी थी।

पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को आरोपित किया था। रंगपुर की अदालत ने पिछले साल 16 अगस्त को इस मामले में आरोप तय कर दिए थे। अदालत ने हालांकि स्थानीय जेएमबी नेता जहांगीर आलम और पांच अन्य को रिहा कर दिया। यह फैसला रंगपुर अदालत के विशेष न्यायाधीश नरेश चंद्र सरकार ने सुनाया।

जेएमबी को पिछले पांच वर्षो के दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं और ब्लॉगरों पर हुए कई हमलों का जिम्मेदार माना जाता है। जुलाई, 2016 में जेएमबी के आतंकियों ने ढाका के एक कैफे पर हमला कर एक भारतीय समेत 22 बंधकों की हत्या कर दी थी। इस हमले के बाद से बांग्लादेश के सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रखा है। इसके तहत अब तक सौ से ज्यादा आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है और कई को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।

 

Posted By: Manish Negi

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