वाशिंगटन, एएफपी। सऊदी अरब के विदेश राज्य मंत्री आदिल अल-जुबेर ने कहा है कि सऊदी को दिवंगत पत्रकार जमाल खशोगी के शव की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने हालांकि माना कि सऊदी अरब के ही कुछ अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर खशोगी की हत्या की थी। इस मामले में 11 लोगों को आरोपित किया गया है। खशोगी के शव का पता नहीं चल पाने की वजह के सवाल पर जुबेर ने कहा, 'अभी मामले की जांच की जा रही है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमें सच का पता चल जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की से इस मामले से संबंधित सुबूतों की मांग की गई है लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया है।

सऊदी प्रिंस के आलोचक थे खशोगी 
दरअसल सऊदी सरकार खासकर प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के मुखर आलोचक खशोगी की गत दो अक्टूबर को तुर्की स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी गई थी। द वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार खशोगी कई सालों से अपना देश छोड़कर अमेरिका में रह रहे थे। तुर्की के अधिकारियों का दावा है कि हत्या के बाद खशोगी के शव के कई टुकड़े कर दिए गए थे।  अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए की रिपोर्ट में कहा गया था कि खशोगी की हत्या प्रिंस के इशारे पर की गई थी। लेकिन सऊदी सरकार ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था।

सऊदी क्राउन ने खशोगी की हत्या करने का दिया था आदेश
इससे पहले अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि खशोगी की हत्‍या से करीब साल भर पहले सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान ने खशोगी को गोली मारकर खत्‍म करने का आदेश दिया था। न्‍यूयार्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश 2017 में दिए गए थे। क्राउन प्रिंस का कहना था कि यदि खशोगी आराम से सऊदी अरब वापस नहीं आते हैं तो उन्‍हें जबरदस्‍ती वापस लाया जाए। क्राउन प्रिंस का आदेश था कि यदि वे वापस आकर सरकार से अपने विवादों को खत्‍म नहीं करते हैं तो उन्‍हें वहीं गोली मार दी जाए। इस बातचीत को अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने इंटरसेप्‍ट किया है

Posted By: Mangal Yadav

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