रूस ने यूक्रेन में बमबारी वाली जगह पर FPV ड्रोन से किया हमला, बचाव कर्मियों को बनाया निशाना; 55 लोगों की हुई थी मौत
यूक्रेन के जापोरिजिया में एक रूसी FPV ड्रोन ने उन आपातकालीन कर्मियों को निशाना बनाया, जो पिछले हवाई हमले के मलबे में बचाव अभियान चला रहे थे।

रूस ने यूक्रेन के जापोरिजिया में बचाव अभियान पर हमला किया

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डिजिटल डेस्क, कीव। यूक्रेन के जापोरिजिया क्षेत्र में एक रूसी FPV ड्रोन ने उन आपातकालीन कर्मियों को निशाना बनाया, जो पिछले दिनों हुए एक भीषण हवाई हमले के मलबे में खोज और बचाव अभियान चला रहे थे।
इस हमले में बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस (SES) ने राहत की बात यह बताई कि इस बार किसी भी कर्मी को चोट नहीं आई है।
कोमिशुवाखा गांव में जारी है बचाव अभियान
यह ताजा घटना कोमिशुवाखा गांव में हुई, जहां 2 नवंबर को हुए एक घातक रूसी हवाई हमले के बाद से लगातार सात दिनों से राहत और बचाव कार्य चल रहा है। 2 नवंबर को हुए उस हमले में कम से कम 55 लोगों की जान चली गई थी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि हमले में तबाह हुए एक पूर्व स्कूल और आश्रय स्थल के मलबे के नीचे अभी भी कुछ और लोगों के फंसे होने के आशंका है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे घोर क्रूरता और संवेदनहीनता करार दिया। उन्होंने रूसी सेना पर जानबूझकर उन जगहों और आपातकालीन कर्मियों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया, जो जिंदगियां बचाने के काम में जुटे हैं।
गिराए गए थे गाइडेड बम
गौरतलब है कि 2 नवंबर को हुआ वह हमला एक पूर्व स्कूल भवन पर हुआ था, जिसका उपयोग कोमिशुवाखा और आसपास के गांवों के नागरिकों के लिए मानवीय सहायता वितरण केंद्र और आश्रय स्थल के रूप में किया जा रहा था। जब स्थानीय लोग वहां मदद लेने के लिए एकत्र हुए थे, तभी रूसी सेना ने वहां कई गाइडेड बम बरसाए थे।
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के अनुसार, 7 नवंबर तक इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है, जबकि लगभग 50 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई शवों की स्थिति गंभीर होने के कारण उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। इस त्रासदी में आपातकालीन सेवा और पुलिस के कुल छह कर्मी भी मारे गए थे।
शनिवार को जोपोरिजिया में आयोजित एक विदाई समारोह में साथियों और परिजनों ने नम आंखों से इन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी, जबकि तीन अन्य स्थानीय नागरिकों का अंतिम संस्कार किया गया।
'डबल-टैप' रणनीति का आरोप
रविवार को हुए इस ड्रोन हमले ने यूक्रेन के उन दावों को और पुख्ता कर दिया है, जिनमें कहा जाता है कि रूसी सेना अक्सर एक ही जगह पर दोबारा हमला करती है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य पहले हमले के बाद राहत कार्य के लिए पहुंचने वाले बचाव कर्मियों और चिकित्सा दलों को निशाना बनाना होता है, जिसे सैन्य भाषा में डबल-टैप स्ट्राइक कहा जाता है।
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