मास्को, आईएएनएस| यूक्रेन के सथ जारी युद्ध के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मास्को को चीन के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि पश्चिम वैश्विक मामलों में अधिक तानाशाही रुख अपनाता है। रूस स्वतंत्र देशों के साथ संबंध बनाने का इरादा रखता है। जब पश्चिम होश में आता है, तो उन्होंने कहा कि यह तय करेगा कि पश्चिम के साथ कैसे व्यवहार किया जाए। उन्‍होंने बताया कि अब जब पश्चिम एक तानाशाह की स्थिति ले रहा है, तो चीन के साथ हमारे आर्थिक संबंध और भी तेजी से बढ़ेंगे। लावरोव ने एक कुलीन स्‍कूल मास्को प्रिमाकोव में छात्रों से यह बात कही। शैक्षणिक संस्थान का नाम उनके पूर्ववर्तियों में से एक के नाम पर रखा गया है। एवगेनी प्रिमाकोव ने 1996-98 तक विदेश मंत्री के रूप में और उसके बाद प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया था।

साइबेरिया की विकास योजनाओं पर देंगे जोर

लावरोव ने कहा कि हमें सुदूर पूर्व और पूर्वी साइबेरिया के विकास के लिए योजनाओं को लागू करने से कोष को प्रत्यक्ष आय मिलेगी। उन्होंने कहा कि चीन के साथ अधिकांश परियोजनाएं वहां केंद्रित हैं। यह हमारे लिए परमाणु ऊर्जा सहित उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता का एहसास करने का अवसर है। विदेश मंत्री ने हाई स्कूलर्स से कहा कि यदि और जब पश्चिम अपने होश में आता है और संबंधों को फिर से शुरू करने के संदर्भ में कुछ देना चाहता है, तो रूस गंभीरता से विचार करेगा कि हमें इसकी आवश्यकता होगी या नहीं।

पश्चिम पर अपनी निर्भरता को करेंगे खत्‍म

लावरोव ने समझाया कि मास्को न केवल रूसी विरोधी प्रतिबंधों के जवाब में आयात को बदलने की रणनीति को लागू कर रहा है, बल्कि किसी भी तरह से पश्चिम से किसी भी चीज की आपूर्ति पर निर्भर होना बंद कर देना चाहिए। अपनी क्षमताओं और उन देशों पर भरोसा करना, चाहिए जिन्होंने अपनी विश्वसनीयता और स्वतंत्र रूप से काम करने को सिद्ध किया है।

Edited By: Arun Kumar Singh