दमिश्क/अंकारा, एजेंसियां। पूर्वोत्तर सीरिया में सीरियाई सैनिकों और तुर्की के नेतृत्व वाले बलों में भीषण झड़प हो गई जिसमें कम से कम चार सीरियाई सैनिक मारे गए। इस बीच, तुर्की के राष्‍ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अपने रूसी समकक्ष ब्‍लादिमीर पुतिन ने फोन पर सीरिया में जारी तनाव और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के मसले पर बातचीत की। समाचार एजेंसी सिन्‍हुआ के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच बीते 22 अक्‍टूबर को हुए सोची समझौते Sochi deal उत्तरी सीरिया में तुर्की सीमा के साथ लगे क्षेत्रों से सीरियाई कुर्द लड़ाकों की वापसी की प्रतिबद्धता जताई।

वहीं समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की ने नौ अक्टूबर से कुर्द लड़ाकों की अगुवाई वाले सीरियाई लोकतांत्रिक बलों (एसडीएफ) को निशाना बनाया। ब्रिटेन स्थित ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स‘ और ‘सना’ के अनुसार, इस हमले में सरकारी सीरियाई टीवी चैनल का कैमरामैन भी हमले में घायल हो गया जबकि चार सीरियाई सैनिक मारे गए। यही नहीं हमले में एक जनरल और एक चिकित्सा सहायक भी घायल हुए।

हालांकि, कुर्दिश समाचार एजेंसी हवार की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीरिया सरकार के पांच सैनिक मारे गए हैं जबकि 26 अन्य घायल हुए हैं। बता दें कि सीरिया से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप के फैसले के बाद तुर्की ने सीमा पर कुर्द लड़ाकों पर हमला बोला था। लंदन स्थित वॉचडॉग के मुताबिक, तुर्की में नौ अक्टूबर को उत्तरी सीरिया में कुर्द के कब्जे वाले इलाके पर हमले शुरू हुए जिसके बाद अबतक 305 से ज्‍यादा एसडीएफ लड़ाके, 353 तुर्की समर्थित विद्रोही समेत कई सीरियाई सैनिक मारे गए हैं।

दरअसल, इराक के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन सीरिया से लगती अपनी सीमा पर 30 किलोमीटर का ‘बफर जोन’ बनाना चाहते हैं। वह कुर्द लड़ाकों की अगुवाई वाले सीरियाई लोकतांत्रिक बलों (एसडीएफ) को दूर रखना चाहते हैं। उनकी मंशा तुर्की में मौजूद 36 लाख अरब सीरियाई शरणार्थियों के एक हिस्से के लिए पुनर्वास क्षेत्र बनाने की है। बता दें कि रूसी मध्यस्थता के तहत नौ अक्टूबर के बाद से कुछ समझौते हुए जिसकी वजह से कुछ इलाकों में लड़ाईयां बंद हो गई हैं। हालांकि, सीमा पर कुर्द लड़ाकों वाले क्षेत्रों में सीरियाई सैनिकों का भी प्रवेश हुआ है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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