पेरिस, पीटीआइ। राफेल का इंजन बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी जल्द ही भारत में करीब 10 अरब से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही है। इसकी घोषणा खुद कंपनी के सीईओ ने की है। इस दौरान उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से कहा कि भारत को अपने कर और सीमा शुल्क नियमों के साथ एक आकर्षक कारोबारी माहौल प्रदान करना चाहिए। 

फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय कंपनी सफरन, भारत द्वारा खरीदे जा रहे राफेल जेट्स में फिट किए गए इंजनों  M88 की जानकारी देते हुए एक प्रस्तुती दी गई। दरअसल, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने  फ्रांसीसी राजधानी के पास कंपनी की असेंबली लाइन का दौरा किया। प्रस्तुति के दौरान, सफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन ओलिवियर एंड्रीज के सीईओ ने प्रशिक्षण और रखरखाव के लिए देश में लगभग 150 मिलियन अमरीकी डालर के निवेश की योजना के बारे में  खुलासा किया।

हालांकि, सीईओ ने भारत को अपने कर ढांचे पर अधिक समर्थन के लिए कहा। एंड्रीस ने कहा कि भारत विमानन के लिए तीसरा सबसे बड़ा वाणिज्यिक बाजार बनने के लिए तैयार है और हम ग्राहकों की सेवा करने के लिए भारत में एक मजबूत रखरखाव और मरम्मत आधार बनाने के इच्छुक हैं। लेकिन, हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि भारतीय कर और सीमा शुल्क प्रणाली हमें भयभीत ना करें।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि भारत 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निवेश के लिए सही वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंह ने सफ्रान को अगले साल फरवरी में लखनऊ में डेफएक्सपो में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया है।

बता दें कि विजयदशमी के मौके पर फ्रांस ने भारत को पहले राफेल लड़ाकू विमान सौंप दिया। राजनाथ सिंह राफेल को लेने के लिए खुद फ्रांस पहुंचे थे। फ्रांस की रक्षामंत्री ने भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को पहला राफेल लड़ाकू विमान सौंपा। इसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह राफेल में उड़ान भरी। विमान मिलेने के बाद राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा की और उसके बाद फ्रांस की कंपनी दसौ से खरीदे गए लड़ाकू विमान राफेल पर 'ऊं' लिखा। इसके अलावां राफेल विमान के पहियों के नीचे नीबू भी रखा गया। 

Posted By: Ayushi Tyagi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप