व्लादीवोस्तक, रायटर। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को पहली बार आमने-सामने बैठकर बात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। इस मुलाकात के पीछे यह मकसद माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु मसले का हल निकालने के लिए अमेरिका ही एकमात्र शक्ति नहीं है।

किम की करीब दो माह पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दूसरी बार शिखर वार्ता हुई थी, लेकिन प्रतिबंधों को हटाने की मांग पर यह वार्ता विफल हो गई थी। इसके बाद किम ने सहयोग की उम्मीद में रूस का रुख किया।

पुतिन और किम की यह शिखर वार्ता रूस के बंदरगाह शहर व्लादीवोस्तक में हुई। पहले सत्र में दोनों नेताओं ने महज कुछ सहयोगियों की मौजूदगी में बातचीत की। यह सत्र करीब 50 मिनट चला। दूसरे सत्र की वार्ता से पहले पुतिन ने पत्रकारों से कहा, 'मैंने और उत्तर कोरिया के नेता ने परमाणु वार्ता में आए गतिरोध समेत कई मसलों पर व्यापक चर्चा की।

हमने यकीनन कोरियाई प्रायद्वीप के हालात पर बातचीत की और इस बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया कि हालात बेहतर करने के लिए हम क्या कर सकते हैं।' जबकि अपनी खास बख्तरबंद ट्रेन से बुधवार को व्लादीवोस्तक पहुंचने वाले किम ने कहा, 'कोरियाई प्रायद्वीप के मामले में पूरी दुनिया की दिलचस्पी है। मैं पुतिन से निजी तौर पर मुलाकात करने के लिए यहां आया हूं।'

समय से पहले पहुंचे पुतिन

पुतिन का वार्ताओं में वैश्विक नेताओं को इंतजार कराने का रिकार्ड अच्छा नहीं है। लेकिन किम से मिलने के लिए रूसी राष्ट्रपति वार्ता स्थल पर करीब आधा घंटे पहले ही पहुंच गए।

यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई वार्ता

पुतिन और किम की पहली शिखर वार्ता व्लादीवोस्तक के एक यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई। वार्ता स्थल के बाहर जब दोनों नेताओं का पहली बार आमना-सामना हुआ तो दोनों ने मुस्कुराहट के साथ हाथ मिलाए।

प्रतिबंधों पर लग सकता है झटका

अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध के बाद किम पहले विदेश दौरे पर रूस आए हैं। माना जा रहा है कि वह अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से राहत पाने के लिए रूस से मदद मांग सकते हैं। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले में उन्हें निराशा हाथ लग सकती है क्योंकि रूस यह प्रतिबद्धता जता चुका है कि उत्तर कोरिया जब तक अपने परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करता तब तक उस पर लगे प्रतिबंधों को कायम रखा जाए।

पुतिन ने 17 साल पहले किम के पिता से की थी वार्ता

पुतिन ने 2002 में किम के पिता और उत्तर कोरिया के तत्कालीन नेता किम जोंग द्वितीय के साथ भी शिखर वार्ता की थी। किम जोंग द्वितीय ने 2011 में रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव से भी मुलाकात की थी।

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