बैंकॉक, एएनआइ। PM Modi inThailand: भारत समुद्र समेत अन्य क्षेत्रों में आसियान के साथ सहयोग का विस्तार करने के लिए तैयार है। संबंधों के समग्र विकास के लिए आसियान और भारत के बीच संपर्क बढ़ाना काफी महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने यह बात आज बैंकॉक में आज 16वें आसियान-भारत (16th ASEAN-India summit) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड की तीन दिवसीय यात्रा का यह दूसरा दिन है। पीएम मोदी इस दौरे पर शनिवार को बैंकॉक पहुंचे। पीएम मोदी यहां ईस्ट एशिया और RCEP समिट में भी हिस्सा लेंगे।  

उन्होंने इस दौरान कहा, 'मैं इंडो-आसियान सहयोग का स्वागत करता हूं। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी हमारी इंडो-पैसिफिक दृष्टि का महत्वपूर्ण हिस्सा है और आसियान इसके मूल में है। एकीकृत, मजबूत और आर्थिक रूप से समृद्ध आसियान भारत के हित में है।

इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर

इस शिखर सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कहा, भारत और इस समूह के 10 राष्ट्रों के बीच जमीन, वायु और समुद्री संपर्क को बढ़ाने से क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक विकास को काफी बढ़ावा मिलेगा।पीएम मोदी ने कहा कि समुद्री सुरक्षा क्षेत्र और ब्लू इकोनॉमी के साथ-साथ कृषि, इंजीनियरिंग, डिजिटल प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर है।

दक्षिण - पूर्व एशिया का सबसे प्रभावशाली समूह

10 देशों के समूह को दक्षिण - पूर्व एशिया में सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक माना जाता है। भारत और अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देश इसके संवाद सदस्य हैं।

भारत में  आसियान देशों का निवेश

भारत समेत आसियान क्षेत्र में कुल मिलाकर 1.85 बिलियन लोगों की आबादी है, जो वैश्विक आबादी का एक चौथाई है और उनका संयुक्त जीडीपी अनुमानित तौर पर 3.8 ट्रिलियन अमेरिकी डालर से अधिक है। आसियान से भारत में निवेश पिछले 17 वर्षों में 70 बिलियन अमेरिकी डालर से अधिक रहा है, जो भारत के कुल एफडीआई का 17 प्रतिशत से अधिक है।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति और थाईलैंड के पीएम से मुलाकात  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकॉक में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो से मुलाकात की। उन्होंने इसके अलावा थाईलैंड के प्रधानमंत्री चैनु-ओ-चा से भी मुलाकात की।

द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर जोर

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, रवीश कुमार ने एक ट्वीट में कहा, 'पीएम मोदी और थाईलैंड के पीएम के बीच काफी अच्छी बातचीत हुई। दोनों ने कनेक्टिविटी और व्यापार समेत अन्य क्षेत्रों में निवेश माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की बात कही। 

द्विपक्षीय व्यापार में 20 प्रतिशत की वृद्धि

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। लगातार उच्चस्तरीय बैठकों ने रिश्ते में सकारात्मक गति पैदा की है। दोनों नेताओं ने पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार में 20 प्रतिशत की वृद्धि का सराहना की। 

भारत में रहने का सबसे अच्छा समय

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को थाईलैंड में व्यापार जगत से भारत में निवेश करने की जोरदार अपील करते हुए कहा कि यह देश में रहने का सबसे अच्छा समय है। पीएम मोदी ने यहां एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, 'मैं आज आपको भारत में हो रहे कुछ सकारात्मक बदलावों के बार में बताने के लिए उत्सुक हूं। मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ कहता हूं कि आज भारत में आने का सबसे अच्छा समय है।' पीएम मोदी ने यह बात थाईलैंड में आदित्य बिड़ला ग्रुप (ADITYA BIRLA GROUP) के 50 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की बेहतर स्थिति के बारे में बताया

पीएम मोदी ने इस दौरान वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की बेहतर स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि भारत में कई चीजें बढ़ रही हैं, जबकि कई चीजों में कमी आ रही है। व्यापार करने में आसानी, जीवनयापन में आसानी, एफडीआई, फॉरेस्ट कवर, पेटेंट, उत्पादकता, बुनियादी ढांचा बढ़ रहा है। जबकि कर, कर की दरें, लालफीताशाही और भ्रष्टाचार में कमी आ रही है। 

व्यापार और संस्कृति में एकजुट होने की शक्तियां

पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और थाईलैंड के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध हैं और कहा कि व्यापार और संस्कृति में एकजुट होने की शक्तियां हैं।

निवेश और आसानी से व्यापार करने के लिए भारत आएं

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, 'निवेश और आसानी से व्यापार करने  के लिए भारत आएं। कुछ नया करने या कुछ शुरू करने के लिए भारत आएं। कुछ बेहतरीन पर्यटक स्थलों और लोगों के शानदार आतिथ्य का अनुभव करने के लिए भारत आएं। भारत आपका इंतजार कर रहा है।' 

पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

उन्होंने भारत को पांच ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के अपने दृष्टिकोण को भी सामने रखा और कहा कि यह बहुत जल्द ही हासिल हो जाएगा। भारत अब पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने का सपना देख रहा है। जब 2014 में मेरी सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब भारत की जीडीपी 2 ट्रिलियन डॉलर थी। पांच साल में, हमने इसे लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया। यह मुझे विश्वास दिलाता है कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना जल्द ही सच होगा। 

 

Posted By: Tanisk

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