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PM Modi Austria Visit: 'भारत की ओर आकर्षित हो रहीं बड़ी कंपनियां', पीएम मोदी बोले- Make In India से दुनिया को मिल रहा लाभ

PM Modi Austria Visit प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर के साथ संयुक्त रूप से दोनों देशों के सीईओ के एक समूह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती ताकत का हवाला देते हुए भारत में निवेश के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत की ओर आकर्षित हो रही हैं।

By Agency Edited By: Sachin Pandey Wed, 10 Jul 2024 08:06 PM (IST)
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। (Photo - ANI)

एएनआई, वियाना। रसिया की यात्रा समाप्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर ऑस्ट्रिया पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की।

पीएम मोदी और चांसलर कार्ल नेहमर ने भारतीय और ऑस्ट्रियाई सीईओ के एक समूह को संयुक्त रूप से संबोधित भी किया, जिसमें बुनियादी ढांचे, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, इंजीनियरिंग और स्टार्ट-अप सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख शामिल हुए।

स्टॉर्ट-अप ब्रिज बनाने का दिया सुझाव

इस दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रियाई बिजनेस शेयरहोल्डर्स से भारत में तेजी से उभर रहे अवसरों पर गौर करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। पीएम मोदी ने व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर जोर देते हुए कहा कि इससे बड़ी वैश्विक कंपनियां भारत की ओर आकर्षित हो रही हैं।

पीएम मोदी ने संबोधन में कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच स्थापित स्टार्ट-अप ब्रिज के उचित परिणाम मिलेंगे। इस संबंध में उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों को एक साथ आना चाहिए और एक संयुक्त हैकथॉन का आयोजन करना चाहिए। उन्होंने देश में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता और कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स में सुधार के लिए किए गए उपायों के बारे में बात की।

बताए मेक इन इंडिया के फायदे  

पीएम ने भारत की बढ़ती ताकत का हवाला देते हुए बड़ी ऑस्ट्रियाई कंपनियों से आग्रह किया कि वे मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार, दोनों के लिए और ग्लोबल सप्लाई चेन गंतव्य के रूप में उच्च-गुणवत्ता एवं लागत प्रभावी मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारतीय आर्थिक परिदृश्य का लाभ उठाएं। उन्होंने सेमीकंडक्टर, चिकित्सा उपकरणों, सौर पीवी सेल्स सहित अन्य क्षेत्रों में वैश्विक विनिर्माण कंपनियों को आकर्षित करने के लिए भारत की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के बारे में बात की।