डिजिटल बैंक के डूबने से पराग्वे की आधी आबादी के पास नहीं बचे पैसे, राष्ट्रपति नजरबंद
पराग्वे में एक डिजिटल बैंक के डूबने से देश वित्तीय और राजनीतिक संकट में घिर गया है, जिससे लगभग आधी आबादी की बचत फंस गई है।

पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना नजरबंद
HighLights
पराग्वे में डिजिटल बैंक डूबने से लाखों ग्राहक प्रभावित हुए।
राष्ट्रपति सैंटियागो पेना महाभियोग के बाद नजरबंद किए गए।
देश वित्तीय और राजनीतिक संकट में, सार्वजनिक धन खतरे में।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पराग्वे की लगभग आधी आबादी को सेवाएं देने वाला एक बैंक डूब गया है, जिससे लाखों ग्राहकों के लिए अपनी बचत निकालना मुश्किल हो गया है और सार्वजनिक धन खतरे में पड़ गया है।
राष्ट्रपति सैंटियागो पेना, जो पहले आइएमएफ में अर्थशास्त्री रह चुके हैं, के खिलाफ महाभियोग चलाया गया है और उन्हें नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है।
पराग्वे में वित्तीय और राजनीतिक संकट
तेजी से बढ़ने वाले इस डिजिटल बैंक के डूबने से पराग्वे वित्तीय और राजनीतिक संकट में घिर गया है। 65 लाख की आबादी वाले इस देश में लगभग 30 लाख ग्राहक अपनी बचत तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इस संकट ने करोड़ों डॉलर के सार्वजनिक धन को खतरे में डाल दिया है। इसके चलते राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को अपना इस्तीफा देने की घोषणा करनी पड़ी है। वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं।
अब, पराग्वे की सीनेट ने पेना पर अपने पद पर रहते हुए कदाचार करने के आरोप में महाभियोग चलाया है, और पेड्रो एलियाना ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में शपथ ली है।
महाभियोग चलने के कुछ ही मिनटों बाद पेना को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इस संकट के केंद्र में उएनो बैंक है, जो एक डिजिटल ऋणदाता संस्था है और ग्रुपो वाजक्वेज नामक व्यावसायिक समूह के नियंत्रण में है।
तीन नवंबर को पराग्वे के केंद्रीय बैंक ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया, क्योंकि नियामकों ने पाया था कि बैंक की वित्तीय स्थिति बहुत खराब हो गई है।
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