इशारों पर बैठते, खड़े होते और सोते 10 इंच के नन्हे रोबोट... NVIDIA के मंच पर CEO हुआंग का कमाल
एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग ने GTC बर्लिन में AI-पावर्ड माइक्रोडक रोबोट्स का प्रदर्शन किया, जो कमांड पर बैठते, खड़े होते और लेटते हैं।
HighLights
एनवीडिया सीईओ जेनसन हुआंग ने GTC बर्लिन में रोबोट दिखाए।
माइक्रोडक रोबोट AI कमांड पर बैठते, खड़े होते, लेटते हैं।
ये रोबोट एनवीडिया की उन्नत AI तकनीक से प्रशिक्षित किए गए हैं।
डिजिटल डेस्क, बर्लिन। एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग के मुख्य भाषण में 21 अक्टूबर 2026 की शाम एक अनोखा नजारा देखने को मिला। बर्लिन में आयोजित 'GTC बर्लिन' कार्यक्रम के दौरान चार छोटे रोबोट मंच पर खुद चलकर पहुंचे और हुआंग के सामने कतार में खड़े हो गए।
माइक्रोडक नाम के इन नन्हे रोबोटों ने हुआंग के निर्देशों का पालन करते हुए उठने, बैठने और लेटने की कला दिखाई, जिसने तकनीक से भरे इस गंभीर सत्र को बेहद मनोरंजक बना दिया।
मंच पर हुआंग के निर्देश पर रोबोट्स की शरारतें
प्रस्तुति के दौरान जेनसन हुआंग ने पहले सभी रोबोटों को बैठने और फिर खड़े होने का निर्देश दिया, जिसे उन्होंने तुरंत मान लिया। इसके बाद जब हुआंग ने उनसे कहा कि अब सोने का समय हो गया है, तो तीन रोबोट तुरंत मंच पर लेट गए।
चौथा रोबोट कुछ कदम आगे बढ़ा और फिर अपने साथियों के पास जाकर लेट गया। रोबोट्स की इस मासूम हरकत को देखकर हुआंग हंस पड़े और उन्होंने ताली बजाते हुए चारों को फिर से खड़े होने के लिए कहा।
क्या हैं माइक्रोडक रोबोट की खासियत?
माइक्रोडक वास्तव में एक ओपन-सोर्स रोबोट प्लेटफॉर्म है, जिसे हगिंग फेस और फ्रांस की पोलन रोबोटिक्स ने मिलकर तैयार किया है। प्रत्येक रोबोट की ऊंचाई करीब 10 इंच है और इनका वजन 2 पाउंड से भी कम है।
यह परियोजना मुख्य रूप से छात्रों और डेवलपर्स के लिए तैयार की गई है, ताकि वे मशीनों को नए शारीरिक कौशल सिखाना सीख सकें, उनमें जरूरी बदलाव कर सकें और अपने प्रयोगों को पूरी दुनिया के साथ साझा कर सकें।
इन रोबोटों के निर्माण में एनवीडिया के आइजैक लैब, आइजैक सिम और न्यूटन फिजिक्स इंजन का उपयोग किया गया है।
AI और डिजिटल ट्विन से कैसे हुई रोबोट्स की ट्रेनिंग?
रोबोट्स के मंच पर आने से पहले जेन्सन हुआंग ने एक वीडियो के जरिए समझाया कि कैसे एक एआई एजेंट ने माइक्रोडक को चलना और निर्देश समझना सिखाया। AI एजेंट ने सबसे पहले एक वर्चुअल ट्रेनिंग कोर्स तैयार किया और आइजैक सिम टूल की मदद से कंप्यूटर के अंदर रोबोट के डिजिटल ट्विन का परीक्षण किया।
इसके बाद रोबोट के सीखने की मुख्य प्रक्रिया एनवीडिया के क्लाउड सर्वरों और सुपरकंप्यूटरों पर पूरी की गई। क्लाउड में सफल प्रशिक्षण के बाद, नतीजों को एक RTX स्पार्क लैपटॉप पर परखा गया और अंत में यह पूरा ज्ञान सीधे असली रोबोट में डाल दिया गया।
हुआंग ने मुस्कुराते हुए दर्शकों को बताया कि इन रोबोटों को RTX स्पार्क पर बनाया गया, क्लाउड में प्रशिक्षित किया गया और एक डिजिटल ट्विन के जरिए वास्तविक दुनिया में काम करने के काबिल बनाया गया।
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