क्या AI से 2030 तक खत्म हो जाएगी दुनिया? Nvidia के CEO ने कहा- संभावना 0 प्रतिशत
AI पूरी दुनिया को खत्म कर देगा? आज के समय में चारों ओर इस बात को लेकर चर्चा और बहस ...और पढ़ें

एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग।
HighLights
एनवीडिया सीईओ जेनसेन ह्वांग ने AI खतरे को खारिज किया।
ह्वांग के अनुसार AI से दुनिया खत्म होने की संभावना शून्य।
कई टेक दिग्गज AI की अनियंत्रित वृद्धि पर चिंतित हैं।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। क्या सच में AI दुनिया को पूरी तरह से खत्म कर देगा? आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती रफ्तार के बीच पूरी दुनिया में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
कुछ बड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI इंसानी अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है, हालांकि दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के CEO जेनसेन ह्वांग ने इस डर को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
क्या बोले एनवीडिया के CEO?
एक इंटरव्यू के दौरान जेनसेन ह्वांग ने कहा कि AI से दुनिया खत्म होने का कोई खतरा नहीं है। उनके शब्दों में इसे चाहे जैसे भी देखा जाए, साल 2030 दुनिया का अंत नहीं होने वाला है। ह्नांग ने आगे इस बात पर जोर देते हुए कहा कि AI से दुनिया खत्म होने की संभावना बिल्कुल 0 प्रतिशत है।
ह्वांग का मानना है कि AI को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से संभाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तकनीक पर नई पाबंदियां या नियम लगाने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसकी विकास गति को बिना रुके तेजी से आगे बढ़ाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सुरक्षा से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए और अनसेफ प्रोडक्ट्स कभी बाजार में नहीं उतारे जाने चाहिए।
AI को लेकर चिंताएं और चर्चा क्यों?
बता दें कि एनवीडिया (Nvidia) के CEO जेनसेन ह्वांग के इस बयान से पहले AI और दुनिया के खत्म होने की बात खूब चर्चा में है। इसका कारण है कि कई दिग्गज टेक कंपनियों के प्रमुख और रिसर्चर AI की बेकाबू रफ्तार से डरे हुए हैं।
इस सिलसिले में बीते दिनों एन्थ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई का कहना है कि AI अब खुद से अगली पीढ़ी के AI को और बेहतर बनाने लगा है इसे 'रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' कहा जाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर इसे नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह इंसानों के काबू से बाहर हो सकता है। इसलिए उन्होंने AI के विकास की रफ्तार धीमी करने की वकालत की है।
ओपनएआई और गूगल की भी ऐसी सोच
इसके इतर ओपनएआई (OpenAI) के सैम ऑल्टमैन और गूगल के डेमिस हसबिस जैसे दिग्गजों की सोच भी इस बात से मेल खाती है कि AI पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब हाल ही में एंथ्रोपिक के एक पूर्व रिसर्चर ने भी इस्तीफा देते हुए चेतावनी दी थी कि कुछ डेवलपर्स का मानना है कि इस दशक के अंत तक AI हम सबको खत्म कर सकता है।
किसका साथ दे रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?
गौरतलब है कि जहां एक तरफ टेक जगत के कुछ बड़े चेहरे AI की रफ्तार धीमी करने की बात कह रहे हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और एनवीडिया के CEO जेनसेन ह्वांग इस चल रही AI क्रांति का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। हाल ही में एक इवेंट के दौरान ह्वांग और ट्रंप की फोन पर भी बातचीत हुई थी।
