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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या है GPS जैमिंग अटैक? जिसे किम जोंग ने दक्षिण कोरिया पर किया; हवा में ही टकरा सकते थे दर्जनों विमान

Published: Sat, 09 Nov 2024 12:47 PM (IST)Updated: Sat, 09 Nov 2024 01:02 PM (IST)

उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। गुब्बारों में कचरा भेजने के बाद अब किम जोंग ...और पढ़ें

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन। ( फाइल फोटो)
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन। ( फाइल फोटो)

HighLights

  1. अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा उत्तर कोरिया।
  2. अब दक्षिण कोरिया पर किया GPS जैमिंग हमला।
  3. हमले की वजह से विमानों के संचालन में परेशानी।

एजेंसी, सियोल। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया पर जीपीएस जैमिंग अटैक किया है। दक्षिण कोरिया का कहना है कि जीपीएस अटैक से कई सैन्य और नागरिक विमानों पर असर पड़ा है। उत्तर कोरिया ने शुक्रवार और शनिवार को दो बार जीपीएस सिग्नल को बाधित किया। पिछले कुछ समय से उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इससे पहले किम जोंग कचरे से भरे गुब्बारे दक्षिण कोरिया में छोड़ चुके हैं।

उत्तर कोरिया ने सिग्नल में की हेराफेरी

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को पश्चिमी सीमावर्ती शहर केसोंग और हेजू के नजदीक जीपीएस सिग्नल में उत्तर कोरिया ने हेराफेरी की है। उत्तर कोरिया की इस हरकत ने दर्जनों नागरिक विमानों और कई जहाजों को बाधित किया है। दक्षिण कोरिया ने अपने पश्चिमी सीमा क्षेत्र में विमानों और जहाजों को अलर्ट रहने की चेतावनी जारी की है।

दक्षिण कोरिया ने दी सख्त चेतावनी

दक्षिण कोरिया ने कहा, "हम उत्तर कोरिया से जीपीएस हस्तक्षेप की उकसावे वाली हरकतों को तुरंत बंद करने की अपील करते हैं। सख्त चेतावनी भी देते हैं कि इसके परिणामस्वरूप होने वाले घटना के लिए उत्तर कोरिया पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा। दक्षिण कोरिया की सेना ने पीले सागर में जहाजों और विमानों को ऐसे हमलों से सावधान रहने की चेतावनी दी।

खतरे में पड़ सकते यात्री विमान

विश्लेषक सुकजून यून ने 38 नॉर्थ वेबसाइट पर लिखा कि उत्तर कोरिया के जीपीएस सिग्नल अटैक और गुब्बारा अभियान दक्षिण कोरिया के इंचियोन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की कमजोरी को उजागर करता है। यह हवाई अड्डा उत्तर कोरिया की सीमा से करीब 100 किमी दूर है। हर साल यहां से पांच करोड़ से अधिक यात्री अपनी यात्रा करते हैं। यून ने लिखा कि जीपीएस अटैक यात्री विमानों को खतरे में डाल सकता है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उल्लंघन है। उत्तर कोरिया अपने कचरे से भरे गुब्बारों से 12 बार हवाई अड्डे के रनवे संचालन को रोक चुका है।

दक्षिण कोरिया ने दागी बैलेस्टिक मिसाइल

शुक्रवार को दक्षिण कोरिया ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। इसी महीने उत्तर कोरिया ने अपनी सबसे उन्नत और ताकतवर आईसीबीएम मिसाइल का परीक्षण किया। इस परीक्षण के एक सप्ताह बाद जीपीएस जैमिंग के आरोप दक्षिण कोरिया ने लगाए हैं।

हो सकतीं विमान दुर्घटनाएं

दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक मई महीने में भी उत्तर कोरिया ने जीपीएस सिग्नल को जाम करने की कोशिश की थी। हालांकि इससे दक्षिण कोरिया के किसी सैन्य अभियान में कोई बाधा नहीं आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जीपीएस जैमिंग हमले कई अन्य घटनाओं को जन्म दे सकती हैं। जीपीएस जैमिंग क वजह से दर्जनों विमान दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

क्या होता है जीपीएस जैमिंग अटैक?

जीपीएस में हस्तक्षेप से विमान अपना रास्ता भटक सकते हैं और दुर्घटना होने की आशंका बढ़ जाती है। जीपीएस उपग्रहों और सिग्नल प्राप्त करने वाले उपकरणों का एक नेटवर्क है। इसका इस्तेमाल पृथ्वी पर जहाजों, कारों विमानों आदि के नेविगेशन और समय को निर्धारित करने में किया जाता है। जीपीएस के माध्यम से विमान को लैंडिंग में मदद मिलती है। मगर कई देशों की सेना जीपीएस सिग्नल से छेड़छाड़ कर सकती हैं।

GPS जैमिंग में रेडियो संचार को अवरुद्ध या बाधित करने के लिए एक आवृत्ति संचारण उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है। यह उपकरण जमीन से सिग्नल प्रसारित करता है। यह सिग्नल उपग्रह से आने वाले सिग्नल से अधिक मजबूत होते हैं। जीपीएस स्पूफिंग में एक देश की सेना गलत जीपीएस सिग्लन भेज सकती है। इससे दुश्मन देश के विमान और ड्रोन को दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।

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