इधर ईरान-अमेरिका युद्ध, उधर उत्तर कोरिया ने कर दिया खेला, कितना बढ़ाया परमाणु हथियारों का जखीरा?
IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार बनाने की अपनी क्षमता में गंभीर वृद्धि ...और पढ़ें

उत्तर कोरिया बढ़ा रहा परमाणु हथियारों का जखीरा। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतराराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख ने कहा है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार बनाने की अपनी क्षमता में बहुत गंभीर बढ़ोतरी दिखा रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रमुख ठिकानों पर बढ़ी हुई गतिविधियों की ओर इशारा किया।
बुधवार को सियोल की यात्रा के दौरान बोलते हुए, IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि निगरानी से पता चलता है कि योंगब्योन परमाणु परिसर में गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह परिसर प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र है।
ग्रॉसी ने कहा कि हमारे समय-समय पर किए गए आकलन में हम इस बात की पुष्टि कर पाए हैं कि योंगब्योन में रिएक्टर की गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि उत्तर कोरिया की हथियार बनाने की क्षमता का विस्तार हो रहा है।
योंगब्योन में बढ़ती गितिविधि चिंता का विषय
समाचार एजेसी एएफपी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की निगरानी संस्था ने न केवल पांच मेगावाट वाले रिएक्टर पर, बल्कि योंगब्योन की रीप्रोसेसिंग यूनिट और लाइट-वॉटर रिएक्टर पर भी बढ़ी हुई गतिविधियां देखी हैं। ग्रॉसी ने कहा कि अतिरिक्त सुविधाओं के सक्रिय होने से इस विस्तार की व्यापकता और भी स्पष्ट हो जाती है।
उन्होंने कहा कि ये सभी बातें परमाणु हथियार बनाने के क्षेत्र में उत्तर कोरिया की क्षमताओं में बहुत गंभीर बढ़ोतरी की ओर इशारा करती हैं। अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस कार्यक्रम के तहत कुछ दर्जन परमाणु हथियार तैयार हो चुके हैं।
उत्तर कोरिया ने 2006 में किया पहला परमाणु परीक्षण
आपको बता दें कि उत्तर कोरिया ने साल 2006 में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था, वह अभी भी संयुक्त राष्ट्र के कड़े प्रतिबंधों के दायरे में है। उसने बार-बार दोहराया है कि वह परमाणु जखीरे को नहीं छोड़ेगा। इस वजह से क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर परमाणु प्रसार को लेकर लगातार चिंताएं बनी हुई हैं।
