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    Nobel Prize 2021: 'अनसुलझी' गुत्थियां सुलझाने वाले तीन भौतिक विज्ञानियों को दिया गया नोबेल पुरस्कार

    By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
    Updated: Tue, 05 Oct 2021 10:46 PM (IST)

    Nobel Prize 2021 Winner नोबेल पुरस्कार के तहत एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (करीब 8.5 करोड़ रुपये) की राशि दी जाती है। भौतिकी में नोबेल के इन तीन विजेताओं के बीच दो हिस्से में इसे बांटा जाएगा। आधा हिस्सा मनाबे व हेसलमैन को तथा आधा हिस्सा पैरिसी को मिलेगा।

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    जापान के स्युकुरो मनाबे, जर्मनी के क्लास हेसलमैन और इटली के जियोर्जियो पैरिसी के नामों का एलान

    स्टाकहोम, एपी। भौतिकी में कई अनसुलझी मानी गई गुत्थियों के पूर्वानुमान की राह खोलने वाले तीन विज्ञानियों को इस साल भौतिकी का नोबेल दिया गया है। इनमें जापान के स्युकुरो मनाबे, जर्मनी के क्लास हेसलमैन और इटली के जियोर्जियो पैरिसी शामिल हैं। इन विज्ञानियों ने भौतिकी की कुछ बहुत जटिल प्रक्रियाओं को समझने में मदद की। जलवायु परिवर्तन इसका एक उदाहरण है और इन विज्ञानियों की खोज ने ही क्लाइमेट माडल बनाने का रास्ता खोला था।

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    विषय के आधार पर देखा जाए तो इस बार नोबेल पुरस्कार भौतिकी की दो अलग-अलग शाखाओं में हुए शोध पर दिया गया है। मोटे तौर पर ये दोनों शाखाएं एक-दूसरे से अलग हैं, लेकिन इस मामले में दोनों में समानता है कि इनसे ऐसे घटनाक्रमों का पूर्वानुमान संभव हुआ, जिन्हें अनियमित और अनियंत्रित समझा जाता था।

    ब्राउन यूनिवर्सिटी के भौतिकविद् जिम गेट्स ने कहा कि भौतिक विज्ञान मूलत: माडलिंग पर आधारित है। इसमें ऐसे गणितीय सूत्रों का अध्ययन किया जाता है, जिनसे यह पता चले कि प्रकृति कैसे काम करती है। इसकी मदद से जीवन जीने में विज्ञान के प्रयोग का रास्ता खुलता है। कुछ लोग भले ही माडलिंग पर सवाल उठाएं, लेकिन सच यही है कि माडलिंग के ही दम पर दुनिया ने जलवायु परिवर्तन जैसी बड़ी समस्या से लड़ने की राह खोजने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    सच हो रहे अनुमान

    मनाबे और हेसलमैन की खोज ने ही सटीक मौसम पूर्वानुमान की राह खोली थी। जर्मनी के जलवायु विज्ञानी स्टीफन रैमस्टोर्फ ने कहा, 'भौतिकी के आधार पर तैयार किए गए क्लाइमेट माडल से यह जानना संभव हुआ कि धरती का तापमान कितनी तेजी से बढ़ रहा है। समुद्र के बढ़ते स्तर से लेकर कई अन्य प्रभावों का दशकों पहले अनुमान लगाना संभव हुआ है। हेसलमैन और मनाबे इस दिशा में खोज करने वाले अगुआ रहे हैं। आज हम सब इस बात के गवाह हैं कि उनके पूर्वानुमान कितने सही थे।'

    दो हिस्सों में बंटेगा पुरस्कार

    नोबेल पुरस्कार के तहत एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (करीब 8.5 करोड़ रुपये) की राशि दी जाती है। भौतिकी में नोबेल के इन तीन विजेताओं के बीच दो हिस्से में इसे बांटा जाएगा। आधा हिस्सा मनाबे व हेसलमैन को तथा आधा हिस्सा पैरिसी को मिलेगा। नोबेल पुरस्कार से जुड़े निर्णायकों ने कहा कि 90 साल के मनाबे और 89 साल के हेसलमैन ने हमें जलवायु और मानवीय गतिविधियों से उस पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने का आधार दिया। वहीं पैरिसी का अध्ययन एक तरह के मेटल अलाय स्पिन ग्लास पर केंद्रित है। इस अलाय में परमाणु इस तरह से होते हैं कि पदार्थ का चुंबकीय व्यवहार अचानक बदल जाता है। 73 साल के पैरिसी ने इस अचानक होने वाले बदलाव के पीछे के पैटर्न को समझने में मदद की।

    चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल के लिए चुने गए हैं दो विज्ञानी

    इस साल नोबेल पुरस्कारों की कड़ी में सोमवार को चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल विजेताओं का एलान किया गया था। अमेरिकी विज्ञानियों डेविड जूलियस और एर्डम पटापौटियन को इस बार चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। इन दोनों ने त्वचा के रहस्यों को खोला है। उन्होंने ऐसे सेंसर्स की पहचान की है, जिनसे त्वचा ताप और दाब को अनुभव करती है। अगले कुछ दिनों में रसायन, साहित्य, शांति और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नोबेल विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी। 10 दिसंबर को पुरस्कार वितरित किए जाते हैं। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (करीब 8.5 करोड़ रुपये) की राशि दी जाती है। पुरस्कार स्वीडन के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की संपत्ति से दिया जाता है। 1895 में उनका निधन हो गया था।