क्राइस्टचर्च, एएफपी। न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों पर आतंकी हमला करने वाला हमलावर आस्ट्रेलियाई बंदूकधारी अब अपना केस खुद लड़ना चाहता है। बता दें कि न्यूजीलैंड के दो मस्जिदों में सामूहिक रूप से गोलीबारी कर 50 लोगों हत्‍या करने का इस शख्‍स पर जुर्म है। शनिवार को ब्रेंटन टैरंट हत्या के आरोप में क्राइस्टचर्च जिला अदालत में पेश हुआ। वकील रिचर्ड पीटर्स ने बताया कि वह वकील नहीं चाहता है। आरोपित खुद ही अपना केस लड़ना चाहता है।

क्‍या है क्राइस्‍टचर्च हमला 
न्‍यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की मस्जिदों में हुई एक हमलावार ने अचानक से गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमलावर की उम्र 28 वर्षीय बताई जा रही है। इस घटना के बाद न्यूजीलैंड पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से एक को छोड़ दिया गया है और दो लोग हिरासत में हैं। बता दें कि इस घटना में 50 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 48 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बता दें कि न्यूजीलैंड की गिनती दुनिया के सबसे शांत देशों में होती है। मौजूद लोगों के मुताबिक हमलावर ने पांच मिनट तक गोलीबारी की। हमलावर गोलीबारी के दौरान Facebook पर लाइव था। इस दौरान उसने कहा कि वह 28 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई है। उसने अपना नाम ब्रेंटन टैरंट बताया। वह इस हमले की पिछले दो वर्षों से योजना बना रहा था।

मस्जिदों में हुए आतंकी हमले में 50 लोगों को मौत में से सात भारतीय परिवार भी शामिल हैं। इसकी जानकारी भारतीय उच्चायोग से मिली थी। उच्चायोग ने ट्वीट में कहा था कि 'हम बहुत भारी दिल ये यह खबर साझा कर रहे हैं कि क्राइस्टचर्च में आतंकी हमले में हमने अपने सात नागरिकों की जिंदगियां भी गंवाई हैं। मृतकों के नाम हैं-हफीज मूसा पटेल, रमीज वोरा, आसिफ वोरा, एंसी अलीबावा, मोहम्मद इमरान खान, फरहज अहसान और जुनेद कारा।' इस घटना के बाद से दुनिया भर में इसकी निंदा की जा रही है।

Posted By: Prateek Kumar