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कांगो में इबोला से 65 लोगों की मौत से मचा हड़कंप, अबतक 246 मामले आए सामने

Published: Sat, 16 May 2026 03:30 PM (GMT+05:30)

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के पूर्वी इतूरी प्रांत में इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन का नया प्रकोप सामने आया है, जिससे ...और पढ़ें

कांगो में इबोला के नए बुंडीबुग्यो स्ट्रेन की दस्तक(फोटो: रॉयटर्स)

कांगो में इबोला के नए बुंडीबुग्यो स्ट्रेन की दस्तक(फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के पूर्वी इतूरी प्रांत में इबोला का एक नया स्ट्रेन सामने आया है। इस घातक वायरस के कारण अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।

देश के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर कंबा मुलाम्बा ने शुक्रवार देर रात बताया कि गुरुवार को जांचे गए नमूनों में इबोला वायरस के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के आठ मामलों की पुष्टि हुई है। ये मामले रवाम्परा, मोंगवालू और बूनिया के स्वास्थ्य क्षेत्रों में पाए गए हैं।

क्या है इबोला वायरस?

इबोला वायरस गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो कांगो के उष्णकटिबंधीय जंगलों में क्षेत्रीय वायरस है। अफ्रीका सीडीसी के अनुसार, यह संक्रमित लोगों के शारीरिक तरल पदार्थों, दूषित सामग्रियों या इस बीमारी से मरने वाले लोगों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक 246 संदिग्ध मामलों की पहचान की जा चुकी है। माना जा रहा है कि इस प्रकोप का पहला मामला बूनिया के इवेंजेलिकल मेडिकल सेंटर की एक नर्स थी, जिसकी बुखार, रक्तस्राव, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने के बाद मौत हो गई थी।

इबोला से अब तक 65 मौत

अफ्रीका की शीर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने शुक्रवार को इतूरी प्रांत में इबोला फैलने की पुष्टि की और शुरुआती तौर पर 65 मौतों की जानकारी दी। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कहा कि वह सीमा पार निगरानी, तैयारियों और जवाबी उपायों को मजबूत करने के लिए कांगो, युगांडा, दक्षिण सूडान और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ एक आपातकालीन बैठक कर रहा है।

कांगो सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र को सक्रिय कर दिया है, महामारी विज्ञान और प्रयोगशाला निगरानी को मजबूत किया है, तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तेजी से तैनात किया है।

ज्यादातर मौतें और संदिग्ध मामले मोंगवालू और रवाम्परा स्वास्थ्य क्षेत्रों में पाए गए हैं, जबकि चार मौतें उन मरीजों की हुई हैं जिनमें प्रयोगशाला जांच में वायरस की पुष्टि हो चुकी थी। इसके अलावा, प्रांतीय राजधानी बूनिया में भी कुछ संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

नए स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता

एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका सीडीसी ने कहा कि प्रारंभिक निष्कर्षों से वायरस के गैर-जायरे स्ट्रेन की मौजूदगी का संकेत मिला है, और इसकी जेनेटिक सीक्वेंसिंग अभी चल रही है। इबोला वायरस की सह-खोज करने वाले और किन्शासा में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के प्रमुख, कांगो के प्रसिद्ध वायरोलॉजिस्ट जीन-जाक मुयेम्बे ने बताया कि कांगो के पिछले 16 प्रकोपों में से 15 में 'जायरे स्ट्रेन' शामिल था।

मुयेम्बे ने चेतावनी दी कि एक अलग वेरिएंट की पहचान होने से इसे रोकने के प्रयास जटिल हो सकते हैं, क्योंकि मौजूदा टीके और इलाज मुख्य रूप से जायरे स्ट्रेन के लिए ही तैयार किए गए हैं।

एजेंसी ने कहा, "अफ्रीका सीडीसी बूनिया और रवाम्परा के शहरी संदर्भों के साथ-साथ इन क्षेत्रों में खनन गतिविधियों के कारण होने वाली भारी आबादी की आवाजाही को लेकर चिंतित है, जिससे इसके और फैलने का खतरा है।"

यह प्रभावित इलाका युगांडा और दक्षिण सूडान की सीमाओं के करीब है। अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक जीन कासेया ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों और पड़ोसी देशों के बीच लोगों की भारी आवाजाही को देखते हुए, तेजी से क्षेत्रीय समन्वय आवश्यक है।

इस बीच, युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी रिपोर्ट दी है कि कंपाला में एक कांगोली नागरिक की बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण मौत हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि यह संक्रमण कांगो से आया था और युगांडा में स्थानीय स्तर पर इसके फैलने का कोई मामला नहीं मिला है।

डब्ल्यूएचओ ने जारी की आर्थिक मदद

विश्व स्वास्थ्य संगठन को पहली बार 5 मई को संदिग्ध मामलों का पता चला था, जिसके बाद उसने जांच में मदद के लिए इतूरी में एक टीम भेजी थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि शुरुआती फील्ड सैंपल निगेटिव आए थे, लेकिन गुरुवार को किन्शासा की एक प्रयोगशाला ने पॉजिटिव मामलों की पुष्टि की। अब कुल पुष्ट पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

टेड्रोस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने निगरानी, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, प्रयोगशाला परीक्षण और नैदानिक देखभाल के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अपने आकस्मिक आपातकालीन कोष से लगभग 5 लाख डॉलर जारी किए हैं।

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