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नेपाल में लापता लोगों को 45 दिन में ही घोषित किया जाएगा 'मृत', 12 साल का लंबा इंतजार खत्म

Published: Sun, 11 Oct 2026 07:47 AM (GMT+05:30)

नेपाल सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं में लापता लोगों को मृत घोषित करने की समय-सीमा 12 साल से घटाकर 45 दिन कर दी है।

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डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं में लापता हुए लोगों को कानूनी रूप से मृत घोषित करने की समय-सीमा 12 साल से घटाकर मात्र 45 दिन कर दी है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल द्वारा जारी अध्यादेश 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के 45 दिन पूरे होने से ठीक एक दिन पहले लागू किया गया।

इस ऐतिहासिक कदम से बाढ़ के बाद से लापता चल रहे 5285 लोगों के परिजनों के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने और उससे जुड़े सभी कानूनी कार्यों को आगे बढ़ाने का मार्ग आसान हो गया है।

पीड़ित परिवारों को आसानी से मिल सकेगा राहत

इस अध्यादेश के लागू होने से प्रभावित परिवारों को मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करने, सरकारी मुआवजा प्राप्त करने, बीमा दावों का निपटारा करने तथा संपत्ति के उत्तराधिकार से जुड़ी जटिल कानूनी बाधाओं को दूर करने में बड़ी सहायता मिलेगी।

लापता लोगों में नेपाली नागरिकों के साथ-साथ कम से कम 189 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनके परिजन घटना के बाद से ही अनिश्चितता और प्रशासनिक अड़चनों का सामना कर रहे थे।

क्या है भारतीय नागरिकों के लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया?

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कैबिनेट की सिफारिश पर जारी यह अध्यादेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। लापता भारतीयों के परिजनों के लिए प्रक्रिया इस बात के साक्ष्य के साथ शुरू होगी कि उनके संबंधी 26 अगस्त को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद थे।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास इन जानकारियों की पुष्टि के लिए नेपाली प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करेगा। इसके बाद स्थानीय पंजीकरण कार्यालय नागरिकता दस्तावेजों, पुलिस रिपोर्ट और दूतावास के प्रमाण पत्र के आधार पर आवेदनों को आगे बढ़ाएंगे।

क्या हैं भारत में मुआवजे का प्रावधान?

नेपाली अधिकारियों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने और आवश्यक कॉन्सुलरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, परिवार भारत में संपत्ति के उत्तराधिकार, बीमा दावों और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के लिए इन दस्तावेजों का उपयोग कर सकेंगे।

हालांकि, अध्यादेश में स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या विदेशी नागरिक नेपाल सरकार के आपदा राहत कोष के तहत दिए जाने वाले आर्थिक मुआवजे के हकदार होंगे या नहीं।

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