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नेपाल में बाढ़ से तबाह जिलों में 20 हजार घर बनाने की चुनौती, 1259 लोगों की मौत; सात सितंबर को मनाया जाएगा राष्ट्रीय शोक

Published: Thu, 03 Sep 2026 09:48 PM (IST)

तिब्बत में ग्लेशियर फटने से नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया है। अधिकारियों का ...और पढ़ें

20,000 घर फिर से बनाने की आवश्यकता

20,000 घर फिर से बनाने की आवश्यकता

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डिजिटल डेस्क, काठमांडू। तिब्बत में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से नेपाल में आई बाढ़ के कारण हजारों लोग बेघर हुए हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि लोगों को फिर से बसाने के लिए तबाह हुए इलाकों में लगभग 20 हजार घर फिर से बनाने होंगे।

बाढ़ के कारण नेपाल में अब तक लगभग 1259 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5000 से अधिक लापता हैं। पनविद्युत परियोजनाओं से जुड़ी सुरंगों में फंसे मजदूरों की तलाश में बचाव दल जुटे हुए हैं।

तिब्बत ग्लेशियर फटने से नेपाल में त्रासदी

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के प्रमुख धर्मराज उप्रेती ने कहा, 'हमारा शुरुआती अनुमान है कि 7500 घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं या बह गए हैं या मलबे व कीचड़ में दब गए हैं। जो घर अभी भी खड़े हैं, वे भी रहने लायक नहीं हैं।

अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 20,000 घरों को अलग-अलग, सुरक्षित जगहों पर फिर से बनाना होगा।' विदेश मंत्री शिशिर खनल ने काठमांडू में विदेशी राजदूतों से कहा, 'हमें उम्मीद है कि फिर से बनाने के लिए काफी संसाधनों की जरूरत होगी।'

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की कैबिनेट ने आपदा के 13वें दिन यानी सात सितंबर को नेपाल में राष्ट्रीय शोक मनाने का फैसला किया है। हिंदू परंपरा के अनुसार 13वां दिन पारंपरिक रूप से शोक की अवधि औपचारिक रूप से खत्म होने का प्रतीक है।

1400 नेपाली नागरिक अभी भी फंसे

नेपाल सरकार ने यह भी बताया कि तिब्बत में फंसे 114 नेपाली नागरिकों को बचा लिया गया है और उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी का इंतजाम किया गया है। हालांकि तिब्बत के केरुंग बार्डर प्वाइंट पर अभी भी करीब 1400 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। जबकि नेपाल में लगभग 583 विदेशी नागरिक लापता हैं।

एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि भारत, दक्षिण कोरिया और चीन के विशेषज्ञों के साथ मिलकर पनविद्युत परियोजनाओं से जुड़ी सुरंगों में फंसे करीब 900 लोगों की तलाश जारी है। सैन्य प्रवक्ता राजा राम बसनेट ने कहा कि लांगटांग खोला पनविद्युत संयंत्र की सुरंग से दो शव मिले हैं।

इस बीच नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने गुरुवार को स्याब्रुबेसी का दौरा किया और सुरंग में भारत-नेपाल की टीम द्वारा किए जा रहे बचाव कार्यों का निरीक्षण किया।