काठमांडू, आइएएनएस। नेपाल के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री गोकुल प्रसाद बासकोटा ने इस्तीफा दे दिया है। स्विट्जरलैंड की एक कंपनी से कमीशन के तौर पर 42 करोड़ रुपये मांगने का ऑडियो टेप लीक होने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। दोषी पाए जाने पर उन्हें दस साल तक की जेल हो सकती है। गोकुल को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का विश्वस्त सहयोगी माना जाता है।

स्विट्जरलैंड की कंपनी के एजेंट से मांग रहे थे 42 करोड़ कमीशन

काठमांडू पोस्ट में प्रकाशित खबर के अनुसार, दो से ढाई मिनट की ऑडियो बातचीत में गोकुल को स्विस कंपनी के स्थानीय एजेंट बिजय प्रकाश शर्मा से बातचीत करते सुना जा सकता है। इस दौरान वह पासपोर्ट प्रिंटिंग और अन्य संवेदनशील सामग्री की छपाई के सरकारी ठेके के बदले 60 लाख डॉलर (करीब 42 करोड़ रुपये) की मांग करते सुनाई देते हैं। अखबार ने हालांकि ऑडियो टेप में गोकुल की ही आवाज होने की पुष्टि करने से इन्कार किया है। ऑडियो वायरल होने के बाद ओली सरकार के प्रवक्ता गोकुल ने ट्विटर पर अपने इस्तीफे का एलान किया। उन्होंने कहा, मुझ पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मैंने नैतिकता के आधार पर अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को सौंप दिया है।

नेपाली कांग्रेस ने पीएम ओली से भी स्पष्टीकरण की मांग की

मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। नेपाली कांग्रेस के सांसदों ने नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री ओली से भी स्पष्टीकरण की मांग की। नेपाल के भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 2002 के अनुसार कोई भी लोकसेवक अगर एक करोड़ नेपाली (करीब 63 लाख रुपये) रुपये तक की रिश्वत लेते पकड़ा जाता है तो उसे आठ से दस साल तक की सजा हो सकती है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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