'अगर आप और तालियां बजाएं...', ट्रंप के साथ नोबेल पुरस्कार साझा करने पर नवी पिल्लई ने कसा तंज
नवी पिल्लई ने नोबेल शांति पुरस्कार के सम्मान के बाद मजाक में कहा कि अगर लोग उनकी और तारीफ करें ...और पढ़ें
HighLights
नवी पिल्लई ने नोबेल शांति पुरस्कार पर किया मजाक।
ट्रंप के साथ पुरस्कार साझा करने की बात कही।
गाजा रिपोर्ट और सच बोलने पर भी की चर्चा।
डिजिटल डेस्क, स्वीडन। इंटरनेशनल लॉ की चैंपियन और साउथ अफ्रीका की रहने वाली नवी पिल्लई ने नोबेल शांति पुरस्कार के सम्मान के बाद मजाक में कहा कि अगर लोग उनकी थोड़ी और तारीफ करते हैं तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ पुरस्कार शेयर कर सकती हैं।
एमनेस्ट्री इंटरनेशनल के सेक्रेटरी जनरल ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें पुरस्कार की घोषणा के बाद नूनबर्ग में पिल्लई के लिए तालियां बजती दिख रही हैं। इस वीडियो में पिल्लई ने कहा, 'अगर आप थोड़ी और तालियां बजाएंगे तो मैं यह पुरस्कार ट्रंप के साथ शेयर कर सकती हूं।'
पिल्लई को लगा मजाक
पिल्लई ने कहा कि नोबेल शांति सम्मान मिलने की खबर सुनकर उन्हें लगा कि ये जरूर कोई मजाक होगा। 85 साल की नवी पिल्लई ने कहा,'एक वकील और जज होने के नाते मैं अभी भी इसकी पुष्टि करना चाहती हूं।'
'सच बोलने के लिए हिम्मत की क्या जरूरत'
पिल्लई ने UN के इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल कमीशन ऑफ इंक्वायरी की हेड के तौर पर अपने काम जिक्र किया। यह कमीशन वर्ल्ड बॉडी की तरफ से बात नहीं करता है और इसने पिछले साल पाया था कि गाजा में नरसंहार हो रहा है।
उन्होंने कहा, 'मैंने जो आखिरी काम किया, वह गाजा पर रिपोर्ट सौंपना था, जिसमें वहां हो रही घटनाओं को नरसंहार का नाम दिया गया था।'
उन्होंने आगे कहा, 'उस रिपोर्ट पर मिली मुख्य प्रतिक्रियाओं में से एक थी मेरी हिम्मत के लिए मेरी तारीफ और आप सोच नहीं सकते ये सुन कर मैं कितना हैरान थी क्योंकि सच बोलने के लिए हिम्मत की क्या जरुरत है।'
नोबेल शांति पुरस्कार के साथ एक गोल्ड मेडल, एक डिप्लोमा और 1.2 मिलियन डॉलर की पुरस्कार राशि मिलती है। यह पुरस्कार 10 दिसंबर को ओस्लो में एक औपचारिक समारोह में दिया जाएगा। यह तारीख पुरस्कार शुरू करने वाले स्वीडिश आविष्कारक और समाजसेवी अल्फ्रेड नोबेल की 1896 में मौत की बरसी है।
