अचानक चीन पहुंचे किम जोंग उन, नए पुल के रास्ते पार की सीमा; दुनियाभर में हलचल
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने एक साल से अधिक समय बाद चीन का अचानक दौरा किया, जिसमें वे नवनिर्मित 'न्यू यालू नदी पुल' के रास्ते डैंडोंग पहुंचे।

अचानक चीन पहुंचे किम जोंग उन (फाइल फोटो- रॉयटर्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, प्योंगयांग। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने शनिवार को अचानक चीन का दौरा किया। एक साल से अधिक समय बाद हो रही इस पहली यात्रा के तहत किम दोनों देशों को जोड़ने वाले नवनिर्मित 'न्यू यालू नदी पुल' के रास्ते पूर्वोत्तर लियाओनिंग प्रांत के डैंडोंग शहर पहुंचे।
खबरों के मुताबिक, किम जोंग उन का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप शेन्जेन में आयोजित होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन और साल के अंत से पहले उत्तर कोरिया के साथ कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू करने के प्रयास में जुटे हैं।
कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचे चीन
हाल ही में शुरू हुए न्यू यालू नदी पुल के रास्ते वे चीन के सीमावर्ती शहर डैंडोंग पहुंचे, जिसके चलते इलाके में कड़े सुरक्षा और यातायात प्रतिबंध लगाए गए। किम जोंग उन का यह गोपनीय दौरा आगामी एपीईसी शिखर सम्मेलन और अमेरिका-उत्तर कोरिया के बीच बातचीत की नए सिरे से उठ रही संभावनाओं के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
किम चीन के पूर्वोत्तर लियाओनिंग प्रांत के डैंडोंग शहर में न्यू यालू नदी पुल के रास्ते पहुंचे। एक साल से अधिक समय बाद यह उनकी चीन की पहली यात्रा है। अचानक चीन यात्रा को लेकर दुनियाभर में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, उनके इस दौरे के एजेंडे को लेकर अभी भी सस्पेंस है।
2014 में पूरा हो गया था पुल का काम
उत्तर कोरिया के सिनुइजू और चीन के डैंडोंग शहर को जोड़ने वाला 'नया यालू नदी पुल' निर्माण पूरा होने के एक दशक बाद, 15 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर खोल दिया गया। इस पुल का निर्माण वर्ष 2014 में ही पूरा हो चुका था।
इस पुल के 2014 में खुलने की संभावना था। चीन की तरफ से पहुंचने वाली सड़कें, कस्टम सुविधाएं और अन्य संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण 2014 में लगभग पूरा कर लिया गया था। लेकिन उत्तर कोरिया की तरफ से इससे संबंधित कोई काम नहीं किया गया, जिसके चलते यह इंतजार बढ़ गया था।
चार लेन वाला यह 3 किलोमीटर लंबा पुल चीन के उत्तर-पूर्वी शहर डैंडोंग को उत्तर कोरिया के शहर सिनुइजु से जोड़ता है। इस नए लिंक से डैंडोंग-सिनुइजु रूट पर मौजूद पुराने पुल पर बोझ कम होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें- उत्तर कोरिया में क्यों सैन्य क्रांति लाना चाहता है किम जोंग उन? मिलिट्री यूनिट्स को और मजबूत करने का दिया आदेश
