'तेल न खरीदने से नहीं होगा युद्ध का समाधान', रूसी तेल खरीद पर भारत का अमेरिका को संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव में कहा कि रूस-यूक्रेन विवाद तेल खरीद पर रोक से नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति से हल होगा।

बातचीत से ही सुलझेगा विवाद। (एएनआई)
HighLights
रूस-यूक्रेन विवाद तेल खरीद रोकने से नहीं सुलझेगा।
समस्या का समाधान बातचीत, कूटनीति और चर्चा से ही होगा।
भारत की ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हितों पर आधारित है।
डिजिटल डेस्क, कीव। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि रूस-यूक्रेन विवाद को तेल खरीद पर रोक लगाकर हल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस युद्ध का समाधान आखिरकार बातचीत, कूटनीति और चर्चा से ही निकलेगा।
जयशंकर ने कीव में यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि अगर अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर पाबंदी लगाता है, तो क्या भारत रूस से तेल की खरीद कम करने पर विचार करेगा।
'तेल खरीदने या न खरीदने से विवाद हल नहीं होगा'
जयशंकर ने कहा कि यह विवाद, जो आज अपने पांचवें साल में है, किसी के तेल, एल्युमिना, मिनरल, मेटल या फर्टिलाइजर खरीदने या न खरीदने से हल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह विवाद बातचीत, कूटनीति और चर्चा से ही सुलझेगा। इसीलिए, हम इसे ही बढ़ावा देंगे।
उनकी यह टिप्पणी रूस से तेल खरीदना जारी रखने वाले देशों पर अमेरिका की संभावित पाबंदियों को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच आई है। भारत का कहना रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हितों और सस्ती व सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की जरूरत पर आधारित है।
युद्ध के बावजूद भारत-यूक्रेन व्यापार में मजबूती
भारत-यूक्रेन व्यापार संबंधों पर जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार कई क्षेत्रों में फैला है, जिनमें फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य और कृषि, फर्टिलाइजर, मशीनरी, केमिकल और कंज्यूमर गुड्स शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जाहिर है, पिछले चार सालों में युद्ध की स्थिति और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के कारण इस व्यापार में कुछ रुकावटें आई हैं।
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