'लोगों के साथ गाजा के शहरों को भी मिटा रहा इजरायल', 3 साल की भीषण जंग की सेटेलाइट तस्वीरों ने खोली खौफनाक सच्चाई
गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष के तीन साल पूरे हो गए हैं, जिसमें हजारों फलस्तीनी मारे गए और शहर तबाह हो ...और पढ़ें

गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष के तीन साल पूरे हुए।
HighLights
गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष के तीन साल पूरे हुए।
इजरायली हमलों से गाजा के शहर मलबे में बदल गए।
गाजा में मानवीय संकट और विस्थापन लगातार बढ़ रहा।
डिजिटल डेस्क, यरुशलम। इजरायल पर हमास के हमले और उसके जवाब में इजरायली सेना के गाजा पट्टी पर हमले के बुधवार को तीन वर्ष पूरे हो गए। इस दौरान 1,200 इजरायलियों के जवाब में 73 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए हैं। इजरायली हमलों में ध्वस्त भवनों के मलबे में दबकर मिट्टी में मिल गए लोगों के शवों की संख्या इसके अतिरिक्त है।
सेटेलाइट की ताजा तस्वीरों में गाजा की इससे आगे की दुर्दशा नजर आ रही है। पता चलता है कि इजरायल अब गाजा के शहरों को खत्म करने में जुटा है। मिस्र की सीमा के नजदीक का रफाह शहर इसका उदाहरण है। दक्षिणी गाजा का यह शहर तस्वीरों में अब मलबे के ढेरों और मैदानों वाला इलाका नजर आ रहा है। इजरायली हमले से पहले ढाई लाख की आबादी वाले इस शहर में अब कुछ सौ लोग भी नहीं बचे हैं।
दो वर्ष हुए भीषण इजरायली हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर नवंबर 2025 में गाजा में युद्धविराम लागू हुआ था लेकिन इजरायल के हवाई हमले नहीं रुके। गाजा में लगभग हर दिन इजरायली हमलों में कुछ लोग मारे जाते हैं या घायल होते हैं।
सात अक्टूबर, 2023 को शुरू हुई इजरायली कार्रवाई के समय गाजा पट्टी की आबादी करीब 23 लाख थी। तीन वर्ष में इस आबादी का दसवां हिस्सा अर्थात करीब दो लाख तीस हजार लोग मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। जो लोग घायल हुए उनमें बहुत बड़ी संख्या स्थायी रूप से विकलांग हुए लोगों की है।
जो आबादी इस समय गाजा पट्टी में है उसमें भी लाखों बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग कुपोषण, कमजोरी और बीमारियों से पीड़ित हैं। गाजा में अक्टूबर 2023 के बाद से खाद्य पदार्थ, दवाओं और ईंधन की किल्लत बढ़ती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के तमाम देशों के चिंता जताने के बावजूद गाजा की स्थिति बदतर बनी हुई है।
गाजा पट्टी के 60 प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्र पर इजरायली सेना का कब्जा है और इजरायली सेना इसमें आने वाले फलस्तीनी शहरों-कस्बों को खत्म करने में लगी है। इन शहरों-कस्बों में रहने वाले फलस्तीनियों को कार्रवाई से पहले ही इजरायली सेना खदेड़ चुकी है।
इसके बाद फलस्तीनी लड़ाकों के कब्जे वाले ठिकानों पर हवाई और जमीनी हमले कर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद शहरों-कस्बों के बाकी भवनों-मकानों को भी बुलडोजर से ढहाया जा रहा है। कभी हमास का गढ़ रहा रफाह शहर अब वीरान और मलबे-मैदानों वाला शहर नजर आ रहा है।
जिन शहरों-कस्बों पर इजरायली सेना का कब्जा है, वहां से खदेड़े गए ज्यादातर लोग गाजा सिटी, खान यूनिस और दीर अल-बलाह शहरों में चले गए हैं। शरणार्थी बने ये लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, इन शिविरों में लगे टेंटों की कतारें सेटेलाइट फोटो में स्पष्ट नजर आ रही हैं।
इजरायलियों ने मौन होकर मृतकों को दी श्रद्धांजलि
इजरायल पर हमास के हमले में 1,200 लोगों की हत्या करने, सैकड़ों लोगों को घायल करने, महिलाओं से दुष्कर्म करने और 250 से ज्यादा लोगों को अगवा कर गाजा ले जाने की सात अक्टूबर, 2023 को हुई घटना के विरोध में बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक किबुज में एकत्रित हुए। गाजा पट्टी की सीमा के नजदीक का यह शहर हमास के हमले का मुख्य रूप से शिकार हुआ था। लोगों ने वहां पर मौन रहकर हमास के हमले के शिकार हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
सोर्स- न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार
