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'भारत को रहना होगा अलर्ट, यह आतंकवाद का नया ट्रेंड'; फ्लाईदुबई घटना पर इजरायली ने किया अलर्ट

Published: Wed, 07 Oct 2026 06:58 PM (GMT+05:30)

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भारत और इजरायल को कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी हमलों के प्रति आगाह किया ...और पढ़ें

इजरायली राजदूत ने भारत-इजरायल को आतंकी हमलों से सतर्क रहने को कहा।

इजरायली राजदूत ने भारत-इजरायल को आतंकी हमलों से सतर्क रहने को कहा।

HighLights

  1. इजरायली राजदूत ने भारत-इजरायल को आतंकी हमलों से सतर्क रहने को कहा।

  2. हमास पड़ोसी देशों में आतंकी संगठनों को प्रेरित कर रहा है।

  3. फ्लाईदुबई घटना मौजूदा आतंकी खतरे का एक उदाहरण है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भारत और इजरायल को कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी दी है। अजार ने कहा कि आतंकवादी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की तुलना में तेजी से अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं।

फ्लाईदुबई विमान को हाइजैक करने की कोशिश के बीच अजार ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि कैसे हमास भारत के पड़ोस में मौजूद आंतकवादी संगठनों को प्रेरित कर रहा है।

अजार ने जोर देते हुए कहा, 'आतंकवादी हमसे ज्यादा तेज हैं और हमें उनसे ज्यादा तेज होना होगा। हमें सतर्क रहना होगा। अगर हम अगले किसी आतंकवादी हमले से बचना चाहते हैं तो हमें तेजी दिखानी होगी।'

इजरायल के राजदूत की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब तेल अवीव 7 अक्टूबर, 2023 के हमले की तीसरी बरसी मना रहा है, जिसके कारण गाजा में विनाशकारी युद्ध शुरू हुआ था ।

पाकिस्तान में हमास गतिविधियों का जिक्र

इजरायल के राजदूत अजार ने मध्य पूर्व के बाहर हमास की हालिया गतिविधियों की ओर इशारा किया। राजदूत ने दावा किया कि पिछले एक साल में हमास के कई बड़े कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं।

राजदूत ने अपने बयान में आगे कहा कि नाजी जाहिर और खालिद अल-कदुमी जैसे हमास नेताओं को जैश-ए- मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होते हुए भी देखा गया है। इजरायली राजदूत ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले को उस प्रभाव का नतीजा बताया है।

अजार ने कहा, 'हमास ने इस क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों को प्रेरित किया है और पहलगाम हमला उसी का नतीजा था। हमने हमास के प्रतिनिधियों को आते और बैठक करते हुए देखा है और हमें नहीं पता कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है।'

इजरायल के राजदूत ने लोकतांत्रिक देशों से इस खतरे का सामना करने और उस पर काबू पाने की क्षमता विकसित करने का आग्रह किया। उनकी यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब जांचकर्ता फ्लाईदुबई की उस डरावनी घटना की जांच कर रहे हैं, जिसमें ओमान के एक-को पायलट ने कैप्टन को मारने, विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने और उसे तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश की थी।

फ्लाईदुबई की घटना की जांच पर राजदूत का रुख

अजार ने कहा कि जांच में अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यह घटना 'लोन-वुल्फ' हमला थी या नहीं। उन्होंने इस घटना को मौजूदा खतरा बताया है।

उन्होंने कहा, 'इसमें कोई शक नहीं है कि यह एक मौजूदा खतरा है। आतंकवादी और ईरान की सरकार किसी भी कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे क्योंकि वो ये साबित करना चाहते हैं कि वो हारे नहीं है।'

अब तक, इज़राइल ने इस घटना के लिए ईरान पर आरोप लगाने से साफ तौर पर परहेज किया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान का हाथ होने का इशारा किया है।

अजार ने कहा कि इमरजेंसी प्रोटोकॉल वाकई लागू किए गए थे। उन्होंने कहा कि वायु सेना को अलर्ट पर रखा गया था और इस बात पर फैसले का इंतजार किया जा रहा था कि फ्लाईदुबई विमान को रोका जाए या नहीं।

अजार ने स्मित मच्छर की तारीफ की

अजार ने कहा कि मच्छर और यात्रियों की कार्रवाई ने एक बड़ी घटना को टाल दिया है। अल हम्मी के हमले के दौरान 38 वर्षीय भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर को सिर में फ्रैक्चर हो गया है और उन्हें कई चोटें आई हैं। राजदूत ने मच्छर की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय पायलट स्मित मच्छर की वीरता और साहस साथ ही यात्रियों की बहादुरी ने एक बड़े हमले को टाल दिया।

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