तेहरान, एजेंसी। सऊदी अरब के तट के नजदीक इरान के तेल टैंकर पर दो मिसाइलों से हमले हुए जिसके बाद भारी विस्‍फोट हुआ। इसमें तेल टैंकर को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। ईरान की तेल कंपनी ने कहा है कि सबिती नाम के सुपर टैंकर को शुक्रवार की सुबह जेद्दा बंदरगाह से 60 मील की दूरी पर ये हमले हुए। इरानी की समाचार एजेंसी ISNA ने बताया है कि इस हमले से वेसेल के दो टैंकों बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गए हैं, जिससे लाल सागर में तेल लीक होने का खतरा मंडराने लगा है।

समाचार एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह टैंकर लाल सागर के रास्‍ते अपने गंतव्‍य की ओर रवाना हो रहा था। ये हमले ऐसे समय पर हुए हैं जब अमेरिका और चीन में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।  इस हमले को लेकर सऊदी अरब ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। फ‍िलहाल, चालक दल के सदस्‍य सुरक्षित बताए जा रहे हैं और तेल रिसाव को भी रोक दिया गया है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस हमले में आतंकियों का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। यही नहीं इस घटनाक्रम से सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने के आसार बन गए हैं। 

सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर 14 सितंबर को मिसाइलों से हमले हुए थे जिसके बाद से ही तेहरान और रियाद के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। इन हमलों की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली थी लेकिन सऊदी अरब और अमेरिका दोनों ही देशों ने इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ बताया था। इस हमले के बाद सऊदी अरब ने तेल उत्‍पादन में कटौती का एलान किया था जिससे तेल के दाम बढ़ गए थे। 

समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक, ईरानी तेल टैंकर पर हमले के बाद तेल की कीमतें दो फीसदी तक बढ़ गई हैं। इंटरनेशनल बेंचमार्क में कच्‍चे तेल कीमत 2.3 फीसदी तक बढ़कर 60.46 डॉलर प्रति बैरल हो गई है जो 60.13 डॉलर प्रति बैरल थी। वहीं वेस्‍ट टेक्‍सास इंटर‍मीडिएट में कच्‍चे की कीमतें 2.1 फीसदी बढ़कर 54.69 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। इससे पहले यह 54.47 डॉलर प्रति बैरेल पर थीं। उधर, अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण पूरी दुनिया में लगभग 300 टैंकरों ने व्‍यापार से दूरी बना ली है। इससे आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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