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ईरान के पास एक नहीं बल्कि दो फौज, आर्टेश और IRGC में कौन है सुप्रीम लीडर का ज्यादा वफादार? समझें ईरानी सेना का पूरा गणित

Published: Sun, 01 Mar 2026 01:13 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 01 Mar 2026 02:26 PM (GMT+05:30)

ईरान की सैन्य संरचना में रेगुलर मिलिट्री (आर्टेश) और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) शामिल हैं। ईरान की इन दोनों मिलिट्री में क्या अंतर है, आइए जानते हैं।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के पास रेगुलर मिलिट्री पारंपरिक आर्म्ड फोर्स भी है, जो देश की रक्षा करती है। वहीं इस देश के पास इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) भी हैं, जिसका सीधा संपर्क ईरान के सुप्रीम लीडर से होता है।

ईरान के पास पहले से अपनी आर्मी थी, लेकिन IRGC की स्थापना इसलिए की गई क्योंकि क्रांति के बाद के नेतृत्व को क्रांति से पहले की सेना की वफादारी पर भरोसा नहीं था और वे एक ऐसी सेना चाहते थे जो नई सरकार के प्रति पूरी तरह वफादार हो।

ईरान की रेगुलर मिलिट्री (आर्टेश)

ईरान की रेगुलर मिलिट्री पारंपरिक आर्म्ड फोर्स है, जिसे अक्सर ईरानी आर्मी या आर्टेश कहा जाता है। इसका मुख्य काम ईरान के इलाके और संप्रभुता की रक्षा करना है।

ईरान की रेगुलर मिलिट्री बॉर्डर को विदेशी हमले या बड़े पैमाने पर पारंपरिक युद्ध से बचाने का काम करती है। ईरान की आर्मी भी दूसरे देशों की मिलिट्री की तरह ऑर्गनाइज्ड है, जिसमें अलग-अलग आर्मी, नेवी और एयर फोर्स ब्रांच हैं।

यह ईरान की डिफेंस मिनिस्ट्री के अधिकार में काम करती है और पॉलिटिक्स के बजाय पारंपरिक मिलिट्री रोल पर फोकस करती है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)

IRGC को 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद एक अलग पैरेलल फोर्स के तौर पर बनाया गया था ताकि सिर्फ देश की सीमाओं की ही नहीं, बल्कि क्रांतिकारी शासन की भी रक्षा की जा सके।

रेगुलर मिलिट्री से अलग, IRGC सीधे ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है। इसका अपना कमांड स्ट्रक्चर है, जो डिफेंस मिनिस्ट्री से अलग है। इसकी अपनी ग्राउंड, नेवल और एयर ब्रांच हैं, साथ ही दूसरी जरूरी यूनिट्स भी हैं:

  • कुद्स फोर्स — विदेश में ऑपरेशन करती है और विदेश में सहयोगी ग्रुप्स को सपोर्ट करती है।
  • बासीज — एक बड़ी वॉलंटियर मिलिशिया है, जिसका इस्तेमाल इंटरनल सिक्योरिटी और विरोध को दबाने के लिए किया जाता है।

IRGC का मिशन कन्वेंशनल डिफेंस से आगे बढ़कर सरकार की आइडियोलॉजिकल सुरक्षा, इंटरनल सिक्योरिटी और एसिमेट्रिक या अनकन्वेंशनल वॉरफेयर को भी शामिल करता है। यह ईरान के अंदर भी काफी पॉलिटिकल और इकोनॉमिक पावर रखती है।

आर्टेश और IRGC में अंतर

  • आर्टेश का मकसद नेशनल डिफेंस और बॉर्डर सिक्योरिटी देना है। वहीं IRGC का निर्माण इस्लामिक क्रांति और शासन की रक्षा के लिए किया गया।
  • आर्टेश को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को रिपोर्ट करना होता है। वहीं IRGC सीधे ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करती है।
  • आर्टेश में आर्मी, नेवी और एयर फोर्स आते हैं। वहीं IRGC के पास अपनी अलह ग्राउंड, नेवी, एयर ब्रांच + कुद्स, बासिज हैं।
  • आर्टेश कन्वेंशनल वॉरफेयर पर नजर रखती है। वहीं IRGC आइडियोलॉजिकल, अनकन्वेंशनल और इंटरनल सिक्योरिटी देखती है।
  • आर्टेश का स्टेट पॉलिटिक्स में लिमिटेड रोल है। वहीं IRGC ईरान की इकॉनमी के साथ ही स्टेट पॉलिटिक्स में भी अहम रोल निभाती है।

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