अमेरिकी हमलों की आशंका बीच के बीच ईरानी की तैयारी, परमाणु साइट के पास बांटी आयोडीन की गोलियां
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते, ईरान ने संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका में अपने परमाणु ...और पढ़ें

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
ईरान ने अमेरिकी हमलों की आशंका में परमाणु स्थलों पर गोलियां बांटीं।
आयोडीन की गोलियां रेडियोएक्टिव आयोडीन के हानिकारक प्रभाव से बचाती हैं।
अमेरिका सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा, इराक ने चेतावनी दी।
डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बीते चार महीनों से जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर विचार किए जाने की खबरों के बाद ईरान ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार जब से अमेरिका की तरफ से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की बात कही जा रही है, तब से ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों के पास रहने वाले लोगों के बीच आयोडीन की गोलियां बांटनी शुरू कर दी हैं।
ईरान ने क्यों बांटीं आयोडीन की गोलियां?
अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि तनाव बढ़ने पर परमाणु संयंत्रों के 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को ये दवाइयां दी जा रही हैं।
आयोडीन की गोली क्या काम करती है?
बता दें कि परमाणु दुर्घटना या हमले की स्थिति में यह गोली शरीर के थायराइड ग्रंथि को रेडियोएक्टिव आयोडीन के हानिकारक असर से बचाने का काम करती है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सैन्य तनाव बढ़ने पर यह उनकी एक नियमित एहतियाती प्रक्रिया है और इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कोई विकिरण आपदा तुरंत आने वाली है।
अमेरिका में क्या चल रहा है?
दूसरी ओर वाशिंगटन में भी सब कुछ ठीक नहीं है। वहां भी सैन्य हलचल तेज हो गई है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बुधवार और गुरुवार को लंबी बैठकें कीं।
ट्रंप इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हमेशा के लिए खत्म करने और उसे दोबारा कभी सिर न उठाने देने के लिए सैन्य अभियानों को फिर से शुरू किया जाए।
बाकी हिस्से तबाह नहीं करना चाहता- ट्रंप
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर संभव हो तो देश के बाकी हिस्सों को तबाह नहीं करना चाहता, लेकिन शायद मुझे करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) संभावित सैन्य अभियानों की अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर चुका है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक या अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है।
इराक की सख्त चेतावनी
इसके अलावा इस पूरे घटनाक्रम के बीच पड़ोसी देश इराक ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। इराक के प्रधानमंत्री अली फलेह अल-जैदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से फोन पर बात की।
उन्होंने दो टूक कहा कि वह अपने देश की धरती का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लिए लॉन्चपैड के रूप में नहीं होने देगा। इस चेतावनी का मुख्य कारण यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा युद्ध छिड़ने से पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में भारी अशांति फैल सकती है।
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