'सुरक्षा को बड़ा खतरा', ऑस्ट्रेलिया में महिला का पीछा करने के मामले में भारतीय मूल के व्यक्ति को नहीं मिली जमानत
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के सुयश सिन्हा को एक महिला का पीछा करने और धमकाने के आरोप में जमानत नहीं ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
भारतीय मूल के सुयश सिन्हा को जमानत से इनकार।
महिला का पीछा करने और धमकाने का आरोप।
अदालत ने महिला की सुरक्षा को खतरा बताया।
डिजिटल डेस्क, कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के एक सरकारी कर्मचारी को अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। उस पर एक महिला का पीछा करने और उसे धमकाने का आरोप है। इस महिला से वह एक डेटिंग ऐप के जरिए मिला था।
अदालत ने कहा कि उसे रिहा करने से महिला की सुरक्षा और भलाई को गंभीर खतरा हो सकता है। आरोपी की पहचान 31 वर्षीय सुयश सिन्हा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके घर पर एक कार्रवाई के दौरान उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद बुधवार, 14 अक्टूबर को उसे ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (ACT) मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।
मना करने के बाद भी संपर्क करने का आरोप
एबीसी न्यूज के अनुसार, अभियोजकों ने सिन्हा की रिहाई का विरोध किया। उनका कहना था कि सिन्हा उस महिला के प्रति जुनूनी हो गया था और महिला के बार-बार मना करने के बावजूद उससे संपर्क करने की कोशिश करता रहा।
उन्होंने तर्क दिया कि उसे जमानत देने से महिला की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और यह भी आशंका जताई कि वह गवाहों या सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। अदालत को यह भी बताया गया कि सिन्हा के कथित बर्ताव से महिला डरी हुई थी और उसमें पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के लक्षण दिखाई दे रहे थे।
अनजाने लोगों ने भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट
एबीसी न्यूज के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर मिस्टर सिन्हा से कहा था, "मैंने आपसे कहा था कि मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है।" फिर भी उसे अगले कुछ महीनों तक उनकी तरफ से मैसेज मिलते रहे। आरोप है कि महिला को कभी-कभी एक ही दिन में कई फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलती थीं। इनमें ऐसे अकाउंट भी शामिल थे जिनके यूजरनेम अजीब, डरावने और परेशान करने वाले थे।
महिला सितंबर में पुलिस के पास गई थी, जहां उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट डीएक्टिवेट करने की सलाह दी गई। अदालत को बताया गया कि पुलिस अधिकारियों ने कल उस व्यक्ति के घर पर सर्च वारंट के तहत तलाशी ली और कई डिवाइस जब्त किए।
स्पेशल मजिस्ट्रेट ल्यूसिंडा विल्सन ने उस व्यक्ति की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि उसके उग्र व्यवहार के आरोप यह दर्शाते हैं कि उसने शिकायतकर्ता के अधिकारों, सुरक्षा और समस्याओं की पूरी तरह से अनदेखी की है।
विशेष मजिस्ट्रेट विल्सन ने कहा, "मैं समझता हूं कि समुदाय में आपकी रुचि है, लेकिन मुझे लगता है कि शिकायतकर्ता की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भलाई के लिए आपसे बहुत बड़ा खतरा है।" यह मामला अगले महीने फिर से अदालत में आएगा।
