नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत ने गुरुवार को कहा कि इजरायल और फलस्तीन को सीधे बातचीत के जरिये अपने मुद्दों को हल करना चाहिए। इसके साथ ही शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए स्वीकार्य 'दो-राज्यों का समाधान' खोजना चाहिए। भारत की यह प्रतिक्रिया पश्चिमी तट के कब्जे वाले हिस्सों को मिलाने की इजरायल की योजना को लेकर इजरायल-फलस्तीन संघर्ष पर आई है। कराची में पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज भवन में हाल के आतंकी हमले को लेकर पाक के आरोप को खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी घरेलू समस्याओं के लिए भारत पर दोष नहीं मढ़ना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इजरायल की योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इस संबंध में हमारी स्थिति बहुत साफ है। मैं फिर से कहना चाहूंगा कि परस्पर मुद्दों का हल दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत के जरिये किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम दोनों पक्षों से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए दो राज्यों का स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए एक-दूसरे से बातचीत करने का अनुरोध करते हैं। बता दें कि इजरायल ने अपनी योजना जनवरी में सार्वजनिक की थी जिसके तहत करीब 30 फीसद क्षेत्र को स्थायी इजरायली नियंत्रण में लाने की बात कही गई थी। इस योजना की दुनियाभर में काफी आलोचना की गई थी।

घरेलू समस्याओं के लिए भारत पर आरोप न मढ़े पाक

कराची में पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज भवन में हाल के आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान के भारत पर आरोप को बकवास बताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी घरेलू समस्याओं के लिए भारत पर दोष नहीं मढ़ना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान इस तरह की घटनाओं के लिए खुद जिम्मेदार है, क्योंकि उनके प्रधानमंत्री इमरान खान नेशनल असेंबली में वैश्विक आतंकी ओसामा बिन लादेन को शहीद बतातेहैं। उन्होंने गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की पाकिस्तान की घोषणा की निंदा और इसे बेवजह की कसरत बताया। प्रवक्ता ने पाकिस्तान से जल्द से जल्द अवैध रूप से कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली करने की मांग की। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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