फ्रांस में दंगाइयों और उनके परिवारों से वसूला जाएगा नुकसान का खर्च, सीनेट में ऐतिहासिक बिल को मिली हरी झंडी
फ्रांस में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के नुकसान के लिए माता-पिता पहले से जिम्मेदार हैं। नए प्रस्ताव ...और पढ़ें

HighLights
तोड़फोड़ में शामिल लोगों पर 10 हजार यूरो तक जुर्माना, माता-पिता की जिम्मेदारी तय करने का प्रस्ताव
यूरोप में प्रदर्शनकारियों के साथ उनके माता-पिता और इंटरनेट मीडिया एप भी सरकारों के निशाने पर
एपी, पेरिस। फ्रांस में दंगों और तोड़फोड़ से हुए नुकसान की भरपाई अब सरकारी सहायता पाने वाले परिवारों से भी की जा सकती है। सीनेट ने इस सप्ताह एक विधेयक को 229 के मुकाबले 105 मतों से मंजूरी दी है।
इसके तहत हिंसक भीड़ में शामिल लोगों से उन दुकानों के नुकसान का खर्च भी वसूला जा सकेगा, जिन्हें उन्होंने खुद नुकसान नहीं पहुंचाया हो।
जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने के दो सप्ताह से भी कम समय बाद यह कदम उठाया गया है। इन दंगों में एक अरब यूरो से अधिक का नुकसान हुआ था।
हजारों दुकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ हुई, जबकि आग से लिमोज का 19वीं सदी का सिटी हाल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।
विधेयक के मुताबिक, हिंसा की तैयारी कर रहे समूह में जानबूझकर शामिल होने वाले व्यक्ति से दूसरों की तोड़फोड़ के लिए भी 10 हजार यूरो तक वसूले जा सकते हैं। पुलिस के भीड़ को हटने का आदेश देने के बाद भी वहां रुके रहने वालों पर भी नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी डाली जा सकती है।
माता-पिता की सहायता राशि से भी होगी कटौती
फ्रांस में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के नुकसान के लिए माता-पिता पहले से जिम्मेदार हैं। नए प्रस्ताव के तहत अदालत का फैसला अंतिम होने पर परिवारों को मिलने वाले भत्ते, आवास सहायता और स्कूल खुलने पर मिलने वाले भत्ते से रकम काटी जा सकेगी।
न्यूनतम आय सहायता योजना के तहत मिलने वाली राशि भी इसमें शामिल होगी। हालांकि, परिवार के जरूरी खर्च के लिए कुछ रकम सुरक्षित रखी जाएगी।
इटली में 40 से अधिक शहरों में प्रदर्शन
रॉयटर के अनुसार, शुक्रवार को इटली में अधिक वेतन, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और सैन्य खर्च बढ़ाने के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे।
40 से अधिक शहरों में प्रदर्शन हुए। ट्यूरिन में पुलिस ने छात्रों और वामपंथी कार्यकर्ताओं को पीछे हटाने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। रोम, मिलान और जेनोआ में भी बड़े प्रदर्शन हुए।