पेरिस, एजेंसी। विश्व के सबसे बड़े फर्नीचर रिटेलर आईकेईए (IKEA) पर फ्रांस की एक कोर्ट ने एक मिलियन यूरो (1.2 मिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कंपनी को जासूसी कर अपने कर्मचारियों का डाटा अनुचित तौर पर रखने के आरोप में दोषी पाए जाने के बाद ये कार्यवाही की है। इंग्का ग्रुप की फ्रांसीसी शाखा के पास दुनियाभर में ज्यादातर आईकेईए स्टोर हैं। उनपर अपने कर्मचारियों और कुछ ग्राहकों की जासूसी करने का आरोप लगाया गया था।

कर्मचारियों के खिलाफ डाटा का इस्तेमाल

कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के मुताबिक, कंपनी जमा किए गए डाटा का इस्तेमाल यूनियन के नेताओं को टारगेट करने के लिए किया करती थी। साथ ही कंपनी कुछ मामलों में ग्राहकों के आर्थिक डाटा का भी इस्तेमाल करती थी। कोर्ट से फैसला आने के बाद, आईकेईए अब फैसले की समीक्षा कर रहा है। साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कंपनी में और किन उपायों की जरूरत है। इंग्का समूह ने कहा कि आईकेईए रिटेल फ्रांस ने अपनी हरकतों के लिए माफी मांगी है। साथ ही फिर से ऐसा न हो इसके लिए एक प्रमुख कार्य योजना लागू की है।

हजारों को मिलता है रोजगार

फ्रांस में आईकेईए लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार देता है। जर्मनी और अमेरिका के बाद, फ्रांस तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। यहां कंपनी ने नए प्रयोग किए हैं, जिसमें पेरिस के केंद्र में 2019 में लॉन्च किया गया एक स्टोर भी शामिल है।

दो आरोपी दोषी करार

फ्रांस में फर्म के पूर्व मुख्य कार्यकारी, जीन-लुई बैलॉट को इस मामले में दोषी पाया गया और उन्हें दो साल की निलंबित कर जेल की सजा सुनाई गई है। कर्मचारियों का पर्सनल डेटा संग्रहीत करने के लिए कोर्ट ने उन पर 50 हजार यूरो का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट में कंपनी के कुल 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था। मामले में दो लोग दोषी पाए गए हैं। जिसमें एक पुलिस अधिकारी और स्टीफन वनोवरबेके शामिल थे।

Edited By: Ramesh Mishra