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हंगरी के संसदीय चुनाव में बड़ा उलटफेर, 16 साल बाद ओर्बन के शासन का अंत; ट्रंप के करीबी की करारी हार

Published: Mon, 13 Apr 2026 08:40 AM (IST)

हंगरी में संसदीय चुनावों में विक्टर ओर्बन की फिदेज पार्टी को हार मिली है। पीटर मैग्यार की टिस्जा पार्टी ने ...और पढ़ें

HighLights

  1. पीटर मैग्यार की टिस्जा पार्टी ने हंगरी चुनाव में जीत दर्ज की

  2. विक्टर ओर्बन के 16 साल के शासन का हुआ अंत

  3. ट्रंप और सहयोगियों का ओर्बन को समर्थन रहा विफल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हंगरी के लंबे समय से प्रधानमंत्री रहे विक्टर ओर्बन ने संसदीय चुनावों में अपनी हार मान ली है। आंशिक आधिकारिक नतीजों से पता चला है कि पीटर मैग्यार और उनकी टिस्जा पार्टी को निर्णायक जीत मिली है। यह फिदेज पार्टी के लगातार 16 साल के शासन के बाद देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है।

ओर्बन ने नतीजों को स्वीकार कर मानी हार

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 97.35 प्रतिशत मतदान केंद्रों की गिनती पूरी होने के बाद, आधिकारिक नतीजों में सामने आया है कि मैग्यार की मध्य-दक्षिणपंथी टिस्जा पार्टी ने 199 सदस्यों वाली संसद में 138 सीटें हासिल की हैं, और 53.6 प्रतिशत वोट जीते हैं। इसके उलट, ओर्बन की राष्ट्रवादी फिदेज पार्टी 37.8 प्रतिशत वोटों के साथ सिर्फ 55 सीटें ही हासिल कर पाई। यह पिछले चुनावों के मुकाबले पार्टी के समर्थन में आई भारी गिरावट को दिखाता है।

शुरुआती नतीजों की घोषणा के बाद, ओर्बन ने नतीजों को स्वीकार कर लिया और अपनी हार मान ली। हालांकि, यह साफ हो गया था कि उनकी पार्टी बहुमत वाली सरकार नहीं बना पाएगी। इन नतीजों को हंगरी के हालिया राजनीतिक इतिहास में सबसे बड़े चुनावी उलटफेरों में से एक माना जा रहा है।

बुडापेस्ट में मैग्यार का संबोधन

बुडापेस्ट के बीचों-बीच जमा हुए हजारों समर्थकों के सामने दिए गए अपने जीत के भाषण में, मैग्यार ने कहा कि उनकी सरकार हंगरी को यूरोपीय मुख्यधारा में और मजबूती से स्थापित करने और पश्चिमी सहयोगियों के साथ संबंधों को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हंगरी की भविष्य की दिशा यूरोपीय संस्थानों और मूल्यों के साथ पूरी तरह से जुड़ी होगी।

वहीं, विक्टर ओर्बन की इस हार के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नामों की भी चर्चा हो रही हैं। दरअसल, ट्रंप ने ऑर्बन को अपना पूरा समर्थन दिया था , जिसमें उनके दोबारा चुनाव के लिए समर्थन वाला एक वीडियो संदेश भी शामिल था। यह वीडियो हंगरी की राजधानी में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (CPAC) की सालाना बैठक में भी दिखाई गई थी।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति ऑर्बन को सपोर्ट करने पहुंचे थे

इसके साथ ही अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपनी दो दिवसीय यात्रा के लिए हंगरी गए थे। जहां उन्होंने ऑर्बन और MAGA आंदोलन के बीच साझा विचारधारा और बयानबाजी पर रोशनी डाली थी। दोनों ही नेताओं ने ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ और यूक्रेन की आलोचना की थी।

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इसके अलावा, डोनल्ड ट्रंप जूनियर ने हंगरी में अपने दोस्तों से ऑर्बन को वोट देने की अपील भी की थी। उन्होंने X पर पोस्ट किया था, "हमें उम्मीद है कि आप स्वतंत्र सोच के लिए और ऐसे व्यक्ति के लिए वोट देंगे जो हंगरी को सबसे पहले रखता है। हमें उम्मीद है कि आप मेरे पिता के दोस्त और सहयोगी के लिए वोट देंगे।"

यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मैग्यार ने जीत के बाद कहा कि, "हंगरी की जगह यूरोप में ही है।" अपनी तत्काल विदेश नीति की प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए, मैग्यार ने आगे कहा कि उनकी पहली आधिकारिक यात्राओं में वारसॉ और वियना शामिल होंगे, जिसके बाद वे ब्रसेल्स की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि वहां वे यूरोपीय संघ के उन अरबों यूरो के फंड को जारी करवाने के लिए काम करेंगे, जिन्हें अभी रोक दिया गया है।

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