जेनेवा, रायटर। हांगकांग में गत जून से जारी लोकतंत्र समर्थकों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई की जांच की मांग उठने लगी है। हांगकांग की विधायिका की सदस्य तान्या चान ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की मानवाधिकार संस्था से पुलिस की बर्बर कार्रवाई की जांच की मांग की है। हांगकांग में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस कई बार लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले दाग चुकी है और रबर की गोलियां बरसा चुकी है।

लोकतंत्र समर्थक चान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए कहा, 'हांगकांग में आंदोलन शुरू हुए 100 दिन हो चुके हैं, लेकिन ऐसा कोई संकेत नहीं दिखा कि पुलिस संयम बरतेगी। हांगकांग में लोकतंत्र के अभाव का यह सीधा नतीजा है। पुलिस का दुरुपयोग करने के लिए सरकार की कोई जवाबदेही नहीं है।'

उन्होंने यूएन मानवाधिकार प्रमुख माइकल बैचलेट से पूछा, 'हांगकांग के लोगों के लिए मानवाधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के लिए क्या वह परिषद की तत्काल बैठक बुलाने और जांच गठित करने का समर्थन करेंगे?' 1997 में ब्रिटेन से चीन के नियंत्रण में आए हांगकांग में गत जून से विरोध प्रदर्शन का दौर चल रहा है।

चान को बोलने से रोक नहीं पाया चीन

चीन ने लोकतंत्र समर्थक तान्या चान को जेनेवा में मानवाधिकार परिषद की बैठक में बोलने से रोकने के लिए यूएन को पत्र लिखा था। उसने पत्र लिखकर चान का आमंत्रण रद करने की मांग की थी।

दोहरा मानदंड अपनाने से इन्कार

हांगकांग की पुलिस ने चीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के प्रति नरम रवैया अपनाने और लोकतंत्र समर्थकों पर सख्ती के आरोपों को नकार दिया। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि दोहरा मानदंड नहीं अपनाया जा रहा है।

Posted By: Nitin Arora

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