हांगकांग, रायटर। हांगकांग में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच चीन ने वहां कई दिनों के लिए कफ्र्यू लगाने का संकेत दिया है। सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेली ने हांगकांग में हिंसा के जारी दौर को दशकों की सबसे बुरी स्थिति करार दिया है। गुरुवार को हांगकांग के हालात और बिगड़ गए। आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय के बाद स्कूल भी बंद करा दिए और राजमार्गों पर अवरोध खड़े कर महानगर के हिस्सों के बीच होने वाला आवागमन ठप कर दिया। अंदरूनी इलाकों में पहले ही आवागमन बाधित है। कठोर हो रही पुलिस कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए आंदोलनकारी छात्रों द्वारा तीर-धनुष, पेट्रोल बम, लोहे के सरिया और बड़ी संख्या में लाठी का भंडारण किए जाने की भी जानकारी मिली है। पुलिस ने हालात को काबू से बाहर बताया है। ऑस्ट्रेलिया ने सभी संबद्ध पक्षों से संयम की अपील की है।

कॉलेजों में जमा किए स्‍वनिर्मित हथियार

पता चला है कि लोकतंत्र की मांग कर रहे हजारों छात्रों ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों के परिसरों में खाने के सामान, ईंट-पत्थरों, पेट्रोल बमों और अन्य स्वनिर्मित हथियारों के साथ अड्डा जमा लिया है। वे वहीं से आंदोलन के लिए निकल रहे हैं और आंदोलन का निर्देशन कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि विश्वविद्यालय हथियारों के कारखाने और शस्त्रागार बन गए हैं। वहां पर बड़ी मात्रा में तीर-धनुष, गुलेल और चोट पहुंचाने वाले अन्य हथियार तैयार किए जा रहे हैं। हिंसक आंदोलनकारियों के आतंकवाद के करीब जाने का यह ताजा कदम है। पुलिस के जनसंपर्क मामलों के प्रमुख से चुन-चुंग ने कहा है कि अभी छात्रों से सीधे टकराव को टाला जा रहा है। इसमें ज्यादा नुकसान का अंदेशा है।

चीनी हितों पर किया गया सीधा प्रहार

बीते शुक्रवार से जारी हिंसा के ताजा दौर में आंदोलनकारियों ने हांगकांग के हृदय स्थल सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्‍ट को तो ठप किया ही, बड़े इलाके में मेट्रो रेल भी नहीं चलने दी है। इस दौरान कई स्टेशन फूंक दिए गए हैं या बुरी तरह तोड़फोड़ दिए गए हैं। इलाकाई सड़कों के साथ ही राजमार्ग भी जाम किए गए हैं। बैंकों, मॉल, दुकानों और सार्वजनिक संपत्ति का भारी नुकसान पहुंचाया गया है। चीनी हितों पर सीधा प्रहार किया गया है। पुलों और फ्लाईओवर से मलबा गिराकर रास्ते रोक दिए गए हैं। पुलिस और चीनी संस्थाओं के वाहन जला दिए गए हैं। शुक्रवार को आंदोलन के दौरान घायल छात्र की मौत के बाद से आंदोलनकारी भड़के हुए हैं। छात्रों के गुस्से को देखते हुए कई विश्वविद्यालयों ने अनिश्चितकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है। उनमें बढ़ने वाले चीनी छात्र सुरक्षा के भय से हांगकांग छोड़कर जा रहे हैं। बैप्टिस्ट विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों को परिसर छोड़कर जाने के लिए कह दिया है।

 

Posted By: Tilak Raj

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