हांगकांग, रायटर। हांगकांग में अब चीन विरोधी और चीन समर्थक आमने-सामने हैं। टकराव टालने के लिए शनिवार को पुलिस को कई स्थानों पर बेंत चलाने पड़े। चीन समर्थक जहां पुलिस का समर्थन करने के नारे लगा रहे हैं, वहीं लोकतंत्र की मांग करने वाले चीन से आजादी की मांग कर रहे हैं। इस बीच चीन ने कहा है कि हांगकांग के मामले में पश्चिमी देश कुछ नहीं कर सकते, वे हालात को बिगाड़ने के लिए केवल बयानबाजी कर सकते हैं।

फेसबुक ने सस्पेंड किए 10 व्हाट्सएप हॉटलाइन
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने हांगकांग पुलिस की 10 हिंसा विरोधी व्हाट्सएप हॉटलाइन को निलंबित कर दिया है। इन सभी व्हाट्सएप हॉटलाइन का उपयोग लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को लेकर खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था।हॉटलाइन का उद्देश्य अपने सदस्यों द्वारा साझा किए गए फ़ोटो और वीडियो को देखकर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म के रूप में सेवा करना था।

उनके लॉन्च के 72 घंटे से भी कम समय बाद, फेसबुक ने कदम बढ़ाया और इन हॉटलाइन को इस आधार पर निलंबित कर दिया कि मैसेंजर ऐप केवल निजी मैसेजिंग के लिए था, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बताया।

दोनों पक्षों के टकराव की आशंका महानगर के कोवलून बे इलाके में स्थित प्रशासनिक क्षेत्र में पैदा हुई। यहां पर पुलिस ने सक्रियता बरतते हुए दोनों पक्षों को दूर किया। यहां से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शनिवार की अशांति पिछले दिनों से कुछ अलग थी। पहले लोकतंत्र की मांग करने वाले प्रदर्शन करते थे और उनके निशाने पर चीन की सत्ता प्रदर्शित करने वाले स्थान होते थे। तब उनका टकराव पुलिस से होता था। लेकिन अब उनका टकराव चीन समर्थक प्रदर्शनकारियों से भी हो रहा है। 

चीन समर्थक झंडे लेकर मॉल और अन्य प्रमुख स्थानों पर एकत्रित हो रहे हैं। शनिवार को तिन शुई वे सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए तो उनका जवाब देने के लिए सरकार समर्थक भी एकत्रित होने लगे। इसके बाद पुलिस ने हरकत में आकर दोनों पक्षों को तितर-बितर किया। यहां मौजूद मैंडी (26) ने कहा, सरकार हमारी सभी पांच मांगों को माने, तभी हम आंदोलन खत्म करेंगे। सरकार हमें किसी भी तरह से पीछे नहीं धकेल सकती। हम फिर एकजुट होंगे और आगे आएंगे। हम हांगकांग की आजादी की मांग जारी रखेंगे। पांच मांगों में से प्रत्यर्पण संधि का प्रस्ताव वापस लेने की मांग सरकार मान चुकी है, बाकी पर उसने कुछ नहीं कहा है। हांगकांग को लोकतांत्रिक अधिकार देने पर चीन कतई तैयार नहीं है।

हांगकांग में नागरिक अधिकार को लेकर तीन महीने से ज्यादा से आंदोलन चल रहा है। लेकिन इसके पीछे जीवन उपयोगी सुविधाओं के निरंतर महंगा होने और रोजगार के कम होने के कारण भी हैं।

Posted By: Shashank Pandey

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