[ऑस्ट्रिया]। घूमने-फिरने का शौक सभी को होता है, लेकिन दुनिया के दौरे पर निकले इस परिवार की कहानी थोड़ी अलग है। ऑस्ट्रिया के एक पेशेवर फोटोग्राफर लिंडर नार्डिन और मारिया सात साल के बेटे लिनोक्स के साथ 2017 से खानाबदोश जिंदगी जी रहे हैं। दुनिया घूमने के जुनून को पूरा करने के लिए परिवार ने घर बेचकर एक मिलिट्री ट्रक खरीदा और उसे ही घर बना लिया। इस परिवार का फिलहाल कोई स्थायी पता नहीं है, लेकिन इस ट्रक के साथ ये अब तक 24 देशों की यात्रा कर चुके हैं। अपनी यात्रा की मार्मिक कहानी को वे फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ ब्लॉग्स पर साझा कर रहे हैं। उनका यह अनुभव लोगों को खूब भा रहा है।

ट्रक को बनाया घर
दो साल पहले लिंडर और मारिया ने घर बेचकर एक 41 साल पुराना मर्सिडीज बेंज एलए911बी मिलिट्री ट्रक खरीदा। इसे खुद ही रिपेयर करना शुरू किया और दो साल में 12 वर्गमीटर के ट्रक को किसी घर की तरह सजा लिया। इसमें दो कमरे, एक बैठक, एक किचन और एक टॉयलेट और बाथरूम है।

24 देशों की यात्रा
अब तक इन्होंने यूरोप के स्लोवेनिया, क्रोशिया, बोस्निया, मोंटिनीग्रो, अल्बानिया, मैसडोनिया, रूस, ग्रीस, और तुर्की जैसे देशों के साथ एशिया में ईरान, अजरबैजान, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, मंगोलिया, दक्षिण कोरिया, जापान और इंडोनेशिया जैसे देशों को देखा और समझा। ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, मंगोलिया सहित मध्य एशिया के देश परिवार के पसंदीदा रहे।

10 सालों से जारी यात्रा
लिंडर और मारिया पिछले दस सालों से दुनिया घूम रहे हैं। 2017 में पांच साल के बेटे के साथ दोबारा यात्रा करने का फैसला किया और अपने शहर ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग से शुरूआत की। इन दिनों यह परिवार ऑस्ट्रेलिया में है।

जारी रहेगा सफर
परिवार का कहना है कि ये सफरनामा जिंदगी भर जारी रहेगा। आरामदायक जीवन जिंदगी का अंत होता है। उन्हें प्रकृति और विविध संस्कृति के बारे में जानना पसंद है और ये यात्राएं उन्हें हर रोज कुछ नया जानने-समझने का मौका देती हैं।

साझा करते हैं अनुभव
अपनी अनोखी और रोमांचक यात्रा से लोगों को रूबरू कराने के लिए परिवार ने फेसबुक और इंस्टाग्राम को माध्यम बनाया हुआ है। साथ ही ब्लॉग पर अकेला (एकेईएलए) नाम से पेज हैं जहां वे अपने अनुभव और तस्वीरें शेयर करते हैं। हवाई भाषा में अकेला शब्द का अर्थ सुंदर और महान होता है।

चुनौतियां भी आई
खानाबदोश जिंदगी जीने वाले इस परिवार के मुताबिक इस तरह की जीवनशैली बहुत चुनौतीपूर्ण और थकाऊ होती है। भाषा संबंधी बाधाएं और वीजा जैसी कई तकनीकी समस्याएं होती हैं। एक देश से दूसरे देश में यात्रा करने के दौरान ट्रक शिपिंग में पैसा खर्च होता है। यात्रा की वजह से बेटे का स्कूल, दोस्त और परिवार छूट चुका है। हालांकि समय मिलने पर वह बच्चे को पढ़ाते हैं।  

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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