'ग्रीनलैंड हमारा क्षेत्र है, हां कहो वरना...', स्विट्जरलैंड में ट्रंप का यूरोपीय देशों को अल्टीमेटम
दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को 'अमेरिका का क्षेत्र' बताते हुए उसे हासिल ...और पढ़ें

दावोस में ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर अल्टीमेटम (फोटो- रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को 'अमेरिका का क्षेत्र' बताते हुए इसे हासिल करने के लिए बातचीत का प्रस्ताव रखा।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अपना क्षेत्र बताते हुए कहा कि वह इसे हासिल करने के लिए बल का प्रयोग नहीं करेंगे, लेकिन इसके साथ उन्होंने एक सख्त चेतावनी भी दे डाली। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इस प्रस्ताव को स्वीकार किया गया तो हम बहुत आभारी होंगे और वरना ना कहने पर अमेरिका इसे याद रखेगा।
स्विट्जरलैंड के दावोस में अपने भाषण की शुरुआत एक व्यंग्य से करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे खूबसूरत दावोस में इतने सारे व्यापारिक नेताओं, इतने सारे दोस्तों और कुछ दुश्मनों के साथ शामिल होकर खुश हैं।
बर्फ का खूबसूरत टुकड़ा
ट्रंप ने अपने नेतृत्व में अमेरिका में हुई प्रगति की प्रशंसा करते हुए यूरोप की आलोचना की और स्पष्ट रूप से कहा कि वह 'सही दिशा' में नहीं जा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच दरार पैदा करने वाले ग्रीनलैंड का जिक्र करते हुए ट्रंप ने इसे बर्फ का एक बड़ा, खूबसूरत टुकड़ा बताया।
डेनमार्क को ग्रीनलैंड लौटाने पर जताया अफसोस
ट्रंप ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डेनमार्क छह घंटे में जर्मनी के हाथों हार गया था और अमेरिका ने तब उसकी सहायता की थी। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद डेनमार्क को लौटाने के फैसले को ऐतिहासिक मूर्खता बताते हुए अफसोस जताया।
ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के प्रति अपने सम्मान का दावा करते हुए ट्रंप ने अमेरिका को महान शक्ति बताया। यही नहीं ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को सबूत के तौर पर पेश किया और कहा कि अमेरिका के अलावा कोई भी राष्ट्र या राष्ट्रों का समूह ग्रीनलैंड को सुरक्षित नहीं रख सकता है।
हम कितने मूर्ख थे?
ट्रंप ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका को हमें ग्रीनलैंड क्षेत्र की रक्षा के लिए अपनी सेना भेजना अपना कर्तव्य लगा और हमने भारी कीमत चुकाकर इसे अपने कब्जे में रखा। उन्होंने कहा, 'हमने डेनमार्क के लिए ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डे स्थापित किए। हम डेनमार्क के लिए लड़े, हम किसी और के लिए नहीं लड़ रहे थे, हम डेनमार्क के लिए इसे बचाने के लिए लड़ रहे थे। हम कितने मूर्ख थे?'
मैं तत्काल बातचीत शुरू करना चाहता
ट्रंप ने आगे कहा, '' मैं तत्काल बातचीत शुरू करना चाहता हूं, ताकि अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड के अधिग्रहण पर एक बार फिर चर्चा की जा सके, ठीक वैसे ही जैसे हमने अपने इतिहास में कई अन्य क्षेत्रों का अधिग्रहण किया है। कई यूरोपीय देशों ने भी ऐसा किया है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कुछ देशों के पास अपार धन-संपत्ति और दुनिया भर में विशाल भूभाग हैं, लेकिन यह नाटो के लिए खतरा नहीं होगा, बल्कि इससे गठबंधन की सुरक्षा मजबूत होगी।"
मैं बल प्रयोग नहीं करूंगा
हालांकि, कहा, ''ट्रंप ने यह भी कहा कि मैं अत्यधिक बल प्रयोग करने का फैसला न कर लूं, जहां हम, सच कहूं तो, अजेय हो जाएंगे, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा। मुझे बल प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं है। मैं बल प्रयोग नहीं करना चाहता। मैं बल प्रयोग नहीं करूंगा।"
