नई दिल्ली, पीटीआइ। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जर्मनी की विदेश मंत्री अनालेना बीयरबोक के बीच सोमवार को होने वाली बातचीत के केंद्र में भारत के चीन से संबंध और यूक्रेन पर रूस के हमले का असर रहेगा। बीयरबोक सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रही हैं। जर्मन दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बीयरबोक भारत ऐसे समय पर आ रही हैं जब सारी दुनिया यूक्रेन पर रूसी हमले के असर को झेल रही है।

कई मुद्दों पर होगी चर्चा

बर्लिन स्थित जर्मनी के संघीय कार्यालय के अनुसार बीयरबोक के पहले भारत दौरे पर तेल, कोयला और गैस से इतर ईंधन के लेन-देन के सहयोग पर चर्चा की जाएगी। इसी संदर्भ में बीयरबोक नई दिल्ली के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तनीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्यालय जाएंगी

जर्मनी की विदेश मंत्री भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्यालय भी जाएंगी। वह महिला अधिकारों को लेकर सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और गैर सरकारी संगठनों के लोगों से भी मुलाकात करेंगीं।

जर्मनी और भारत के बीच सामरिक गठजोड़

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के मुताबिक, जर्मनी और भारत के बीच सामरिक गठजोड़ है । जर्मनी की विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों तथा साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत और जर्मनी ने वर्ष 2021 में अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनायी। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठे भारत-जर्मनी अंतर सरकारी सम्मेलन में हिस्सा लेने बर्लिन गए थे। इसके अलावा जी-7 देशों की बैठक में सहभागी देश के रूप में शामिल हुआ था।

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Edited By: Sonu Gupta

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