सर्बिया में पीएम पद के लिए मैदान में उतरे पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों लोग
सर्बिया में संसदीय चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा हुआ है, जहां विपक्षी छात्र आंदोलन के हजारों समर्थक सड़कों पर हैं, जबकि राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक अपनी रैली कर रहे हैं।

सर्बिया में चुनाव से पहले छात्र आंदोलन तेज (फोटो-रॉयटर्स)
HighLights
सर्बिया में संसदीय चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज।
विपक्षी छात्र आंदोलन वुसिक के 14 साल के शासन के खिलाफ।
वुसिक ने छात्र आंदोलन को विदेशी फंडिंग वाला तख्तापलट बताया।
डिजिटल डेस्क, बेलग्रेड। सर्बिया में संसदीय चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार, 23 अक्टूबर को मध्य बेलग्रेड में विपक्षी छात्र आंदोलन के हजारों समर्थक इकट्ठा हुए। वहीं देश के लंबे समय से नेता रहे अलेक्जेंडर वुसिक ने शहर के दूसरे हिस्से में एक रैली की।
'स्टूडेंट लिस्ट' - छात्रों के समर्थन वाले उम्मीदवारों का एक ऐसा गुट है, जो कि रविवार को होने वाले चुनावों के जरिए वुसिक की दक्षिणपंथी 'सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी' (SNS) के 14 साल से ज्यादा के शासन को खत्म करना चाहता है। इस गुट का कोई एक नेता नहीं है, लेकिन हजारों लोगों का समर्थन इस ग्रुप को हासिल है।
क्या सर्बिया में होगा सत्ता परिवर्तन?
अलेक्जेंडर वुसिक 14 साल से सत्ता में हैं और सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के मामले में उनके सामने यह अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है।
अलेक्जेंडर वुसिक एक दशक से ज्यादा समय से सर्बिया की राजनीति में हैं। इस दौरान वे या तो प्रधानमंत्री रहे हैं या फिर राष्ट्रपति। बढ़ते दबाव के बीच, वुसिक ने पिछले महीने अचानक चुनाव कराने की घोषणा की।
गुरुवार को राजधानी के एक स्पोर्ट्स हॉल में समर्थकों को संबोधित करते हुए, वुसिक ने छात्र आंदोलन पर बार-बार आरोप लगाया कि यह विदेशी फंडिंग से प्रेरित तख्तापलट की कोशिश है।
वुसिक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने हमारी सरकार को गिराने की कोशिश कैसे की। हमें हमेशा इसकी रक्षा करनी चाहिए और इसका बचाव करना चाहिए। बाहर निकलें और उन्हें हराएं! उन्हें निर्णायक रूप से हराएं!' इसके तुरंत बाद भीड़ पर सफेद रिबन और गुब्बारे बरसाए गए।
नागरिक समाज समूहों ने चेतावनी दी है कि चुनाव प्रचार के दौरान डराने-धमकाने, गिरफ्तारियों, हमलों, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और मीडिया के माहौल को बिगाड़ने जैसी घटनाएं हुई हैं।
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दो साल से छात्रों का प्रदर्शन
सर्बिया में यह संसदीय चुनाव छात्रों के नेतृत्व में लगभग दो साल तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहा है। इन प्रदर्शनों की शुरुआत 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन पर हुई एक घटना से हुई थी। इस घटना में नए बने स्टेशन की छत (कैनोपी) गिर गई थी, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी।
घटना में 16 लोगों की मौत के लिए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद सर्बिया में ऐसे विरोध प्रदर्शन हुए, जो 2000 में तानाशाह स्लोबोदान मिलोसेविच के सत्ता से हटने के बाद से सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक थे।
विश्वविद्यालय के छात्रों के नेतृत्व में चला यह भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन, पहले तो इस त्रासदी की पारदर्शी जांच की मांग कर रहा था, लेकिन बाद में इसने जल्द चुनाव कराने की मांग का रूप ले लिया।
'छात्र जीत रहे हैं' लिखे झंडे लहराते हुए, नारे लगाते हुए और सीटी बजाते हुए छात्र बेलग्रेड की सड़कों से होते हुए स्लाविया स्क्वायर पहुंचे। ये वही जगह है, जहां उनके सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे।
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