आतंकी साजिश, खुदकुशी की कोशिश या ईरान से कनेक्शन? फ्लाईदुबई घटना से जुड़े 5 सवाल
फ्लाईदुबई की घटना ने आतंकी साजिश, आत्महत्या के प्रयास और सुरक्षा चूक सहित कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी जांच जारी है।
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फ्लाईदुबई फ्लाइट घटना से जुड़े 5 सवाल
HighLights
फ्लाईदुबई उड़ान में सह-पायलट ने विमान क्रैश करने का प्रयास किया।
घटना ने आतंकी साजिश या आत्महत्या के प्रयास पर सवाल उठाए।
विमान सुरक्षा और हथियार ले जाने की अनुमति पर जांच जारी है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में दो पायलट के बीच हिंसक झड़प हुई और ओमान के को पायलट की विमान क्रैश करने की कोशिश की। ये घटना बुधवार यानि 30 सितंबर को हुई थी। इस घटना को लेकर जांच के दायरे जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे वैसे कई अहम सवाल सामने आए हैं।
1. आतंकी हमला या आत्महत्या की कोशिश
इस हमले के पीछे का कारण अभी तक साफ नहीं हैं लेकिन सवाल यह है कि क्या कथित हमलावर आतंकी हमला करना चाहता था या वो खुद आत्महत्या की कोशिश कर रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि उन्होंने और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू इस घटना के बारे में फोन पर काफी विस्तार से बात की है। ट्रंप ने हमले के पीछे आतंकवादी या किसी सिरफिरे के होने की बात कही है।
UAE के प्रॉसिक्यूटर जनरल ने घटना के हालात और कारणों को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। इसमें हमलावर के बैकग्राउंड की जांच को लेकर भी निर्देश दिया गया है। हमलावर के चरमपंथी गतिविधि से संबंध की जांच के भी आदेश दिए गये हैं।
2. कौन था हमलावर?
हमलावर की पहचान ओमान के नागरिक के तौर पर हुई है, जो फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के तौर पर काम कर रहा था। उसकी पहचान और बैकग्राउंड के बारे में अभी साफ जानकारी नहीं हैं, क्योंकि जांच कर्ता अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ था।
UAE के न्यायिक अधिकारियों के पास अधिकार क्षेत्र है क्योंकि विमान UAE में रजिस्टर्ड है और उसके झंडे के तहत संचालित होता है। UAE ने कहा कि उसका कानून विमान में हुए अपराधों पर लागू होता है, 'भले ही वे देश की सीमा के बाहर हुए हों।'
नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की, जो इस बात पर सहमत हुए कि इजरायल संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होगा।
हमलावर से सऊदी अरब में पूछताछ की जा रही थी नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें लगता है कि संदिग्ध को बाद में UAE ले जाया जाएगा।
3. क्या हमले में ईरान भी था शामिल?
इस घटना में ईरान की कोई भूमिका थी या नहीं इसका भी कोई जवाब नहीं मिला है। नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि यह तय करना अभी जल्दबाजी होगी कि इस घटना में ईरान शामिल था या नहीं।
नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से कहा, 'यह किसी से छिपा नहीं है कि ईरान विदेशों में इजरायलियों को निशाना बनाना चाहता है और यहां इजरायल को निशाना बनाना चाहता है।'
उन्होंने कहा कि इजरायल ने ईरान के प्रॉक्सी से हमले की योजनाओं के संकेत भी देखे हैं, जिसमें इजरायल के चुनावों से पहले हमास और हिज्बुल्लाह का जिक्र किया गया
4. हथियार को विमान में ले जाने की अनुमति कैसे मिली?
इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं जिसमें सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर कोई सदस्य कॉकपिट में चाकू कैसे ले जा सकता है और क्या क्रू के अंदर सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत है।
अमेरिका में पायलटों और फ्लाइट अटेंडेंट की आपराधिक रिकॉर्ड जांच, सुरक्षा खतरे का आकलन और पहचान सत्यापन किया जाता है।
क्रू सदस्य तय एक्सेस पॉइंट का इस्तेमाल करते हैं और यात्रियों की स्क्रीनिंग से बच सकते हैं। हालांकि उन्हें ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा शारीरिक स्क्रीनिंग के लिए रैंडम रूप से चुना जा सकता है।
रैंडम स्क्रीनिंग क्रू सदस्यों द्वारा हथियार ले जाने से रोकने में मदद कर सकती है, लेकिन किसी पक्के इरादे वाले क्रू सदस्य द्वारा सुरक्षित क्षेत्र में हथियार लाने की हर संभावना को खत्म नहीं कर सकती।
11 सितंबर के हमलों के बाद फ्लाइट क्रू के लिए सुरक्षा नियमों को और मजबूत किया गया, जिसमें हाइजैकिंग का मुकाबला करने और फ्लाइट डेक की सुरक्षा पर ज्यादा जोर दिया गया।
5. फ्लाइट को उड़ान भरने की क्यों दी गई इजाजत?
अब एक और सवाल यह है कि आखिर हमलावर को विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली? जबकि हमलावर ओमान का नागरिक था और धार्मिक चरमपंथी बताया जा रहा है। ऐसे में इजरायल इस बात की जांच कर रहा है कि उसे दुबई से तेलअवीव रूट पर उड़ान भरने की मंजूरी कैसे मिली?
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने राजनयिकों को बताया कि यह घटना इजरायल और UAE के बीच संबंधों और अब्राहम समझौते को कमजोर करने के मकसद से किया गया हमला था।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विदेश मंत्रालय के महानिदेशक एडेन बार ताल ने दुनिया भर में सभी इजरायली राजदूतों और प्रतिनिधि प्रमुखों को जानकारी दी और इस बात पर जोर दिया गया कि यह इज़रायलियों, संयुक्त अरब अमीरात और अब्राहम समझौते के खिलाफ एक आतंकवादी हमले की कोशिश थी।
कमर्शियल पायलट उड़ान भरने से पहले कई तरह की जांच से गुजरते हैं, जिसमें मेडिकल सर्टिफिकेशन भी शामिल है। जांच में मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग शामिल हो सकती है, हालांकि जरूरतें हर देश में अलग-अलग होती हैं।
फ्लाईदुबई फ्लाइट में क्या हुआ?
स्थानीय समय के अनुसार लगभग 8:44 बजे, दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद, डिस्ट्रेस कॉल आई। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, कैप्टन और उनके को पायलट के बीच झगड़ा हुआ और विमान तेजी से नीचे आने लगा। विमान एक मिनट के अंदर 34000 फीट से गिरकर 17000 फीट पर आ गया।
इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और फिर विमान को क्रैश करने की कोशिश की।
इजरायली मीडिया के मुताबिक घायल मछार किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। जिससे यात्री और क्रू अंदर आ सके और कथित हमलावर पर काबू पा सके।
फ्लाइट में मौजूद क्रू विमान पर नियंत्रण पाने में कामयाब रहा और एक घंटे बाद सऊदी अरब के तबुक में इसे सुरक्षित रूप से उतारा गया।
फ्लाइट में मौजूद क्रू विमान पर नियंत्रण पाने में कामयाब रहा और एक घंटे बाद सऊदी अरब के तबुक में इसे सुरक्षित रूप से उतारा।झगड़े में दोनों पायलट घायल हो गए और उनका इलाज सऊदी अरब में किया जा रहा था।
