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यूरोप के कई प्रमुख न्यूज चैनलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, रोकना पड़ा प्रसारण; खाली कराए गए स्टूडियो

Published: Fri, 06 Nov 2026 10:38 PM (IST)

यूरोप के कई न्यूज चैनलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं, जिसके चलते पत्रकारों को बाहर निकालना पड़ा और कार्यक्रमों को रोकना पड़ा।

यूरोप में थमा कई न्यूज चैनलों का प्रसारण

 यूरोप में थमा कई न्यूज चैनलों का प्रसारण

HighLights

  1. यूरोप के न्यूज चैनलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं।

  2. धमकियों के कारण पत्रकारों को निकाला गया, कार्यक्रम रोकने पड़े।

  3. यह फर्जी धमकियों की कड़ी, जिसने यूरोपीय उड़ानों को भी बाधित किया।

डिजिटल डेस्क, डबलिन। यूरोप में न्यूज चैनलों को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। इसमें कहा गया कि समय बीतता जा रहा है। इसके चलते पत्रकारों को बाहर निकालना पड़ा और कार्यक्रमों को रोकना पड़ा।

कंपनियों ने बताया कि ये धमकियां आयरिश ब्राडकास्टर आरटीई, ब्रिटेन के स्काई, बुल्गारिया के निजी स्टेशन नोवा टीवी और अन्य जगहों को भेजी गई थीं। किसी भी प्रभावित जगह पर कोई बम नहीं मिला। आरटीई के कार्यक्रमों की जगह पहले से रिकॉर्ड किए गए कार्यक्रम चलाए गए। साथ ही यूरोप में कई उड़ानों को बम से उड़ाने की नई धमकियां मिलीं।

ये धमकियां हाल के दिनों में मिलीं उन कई फर्जी धमकियों की कड़ी का हिस्सा हैं, जिनकी वजह से सर्बिया से लेकर फिनलैंड, स्पेन और अन्य देशों तक यात्री उड़ानों में बाधा आई। इसके कारण विमानों का रास्ता बदलना पड़ा, आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी और सुरक्षा जांच करनी पड़ी, हालांकि अब तक कोई विस्फोटक नहीं मिला है। ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं, जब हाल ही में हैकिंग स्कैम को लेकर चिंता बढ़ रही है, जिसमें सुपरमार्केट और ब्लड बैंक पर हुए साइबर हमले शामिल हैं।

नोवा और आरटीई को शुक्रवार को मिले ईमेल में लिखा था, "हम चाहते हैं कि पूरी दुनिया हमारे बारे में जाने, इसलिए हमारे एक साथी ने आपकी इमारत में विस्फोटक रखा है। यह 45 मिनट में फट जाएगा। समय बीतता जा रहा है।"

यह स्पष्ट नहीं है कि इन धमकियों के पीछे कौन था। ईमेल के अंत में मिखाइल एंड्रोपोव नाम लिखा था। संदेश में कहा गया था कि इसे भेजने वाला उस समूह के नेताओं में से एक है, जो इस हफ्ते विमानों को लेकर दी गई धमकियों के लिए जिम्मेदार है। यह तो बस शुरुआत है। इस हफ्ते जो हुआ, वह आने वाले समय में यूरोप के साथ जो होने वाला है, उसका छोटा सा हिस्सा भर है।"

ईमेल भेजने वाले का उपनाम यूरी एंड्रोपोव से मिलता-जुलता है, जो सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव थे। ईमेल का शीर्षक "पश्चिम के लिए संदेश" एंड्रोपोव की जीवनी "पश्चिम के लिए नई चुनौती" के शीर्षक से मेल खाता है।

(न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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