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डमी, इटैलियन पासपोर्ट और प्राइवेट जेट... फिल्मी स्टाइल में ब्राजील से अमेरिका भागे बोल्सोनारो

Published: Thu, 29 Oct 2026 02:45 PM (IST)

ब्राजील के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो अपने पिता की हार के बाद चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए चुपके से मियामी पहुंच गए।

बोल्सोनारो कैसे पहुंचे अमेरिका।

बोल्सोनारो कैसे पहुंचे अमेरिका।

HighLights

  1. फ्लावियो बोल्सोनारो चुनाव हारने के बाद अमेरिका भागे।

  2. उन्होंने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया, सबूत नहीं दिए।

  3. इटैलियन पासपोर्ट से अर्जेंटीना, इक्वाडोर होते हुए मियामी पहुंचे।

डिजिटल डेस्क, ब्रासीलिया। हाल ही में ब्राजील में हुए चुनाव में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो अपनी हार के बाद से सार्वजनिक जगहों पर नहीं दिखे। वह सभी को नजरों को दोखा देते हुए अपने परिवार के साथ मियामी पहुंचे और खुद को लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश का नेता घोषित किया।

ब्राजील में बोल्सोनारो के चुपके से अमेरिका चले जाने से कई लोग हैरान रह गए। वहीं 45 वर्षीय बोल्सोनारो ने एक्स पर दावा किया कि राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और उनके कट्टर-वामपंथी सहयोगियों ने चुनाव चुरा लिया है। हालांकि इसका उन्होंने सबूत पेश नहीं किया।

ब्राजील के चुनाव में धांधली का आरोप

एक्स पर उन्होंने लिखा, "रविवार रात मेरी आंखों के सामने चुनावी धांधली हुई, जिसे देखकर मैं दंग रह गया।" उन्होंने ब्राजीलियाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस क्रिस्टियानो जानिन पर अवैध गतिविधि का आरोप लगाया। जानिन पहले लूला के वकील रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने एक ऐसी गणितीय असंभवता को होने दिया, जिसकी वजह से चुनाव के पहले और दूसरे दौर के बीच 10 मिलियन वोट जुड़ गए।

देश छोड़कर भागे बोल्सोनारो

ये आरोप तब सामने आए जब सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व नेता जायर बोल्सोनारो के बेटे को अपना पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया। चुनाव हारने के बाद उनके खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए यह डर था कि वे देश छोड़कर भाग सकते हैं लेकिन चुनाव हारने वाले इस दक्षिणपंथी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने पासपोर्ट जमा करने के बजाय अर्जेंटीना और इक्वाडोर के रास्ते अमेरिका भाग जाना बेहतर समझा।

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बोल्सोनारो के भागने की टाइमलाइन

रविवार

ब्राज़ील छोड़ने से पहले वामपंथी लूला के हाथों चुनावी हार के बाद बोल्सोनारो ने ब्रासीलिया से एक संक्षिप्त और भावहीन भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने चुनाव नतीजों को मानने से इनकार कर दिया और चुनाव को रद कराने की कोशिश करने का वादा किया।

सोमवार

बोल्सोनारो ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे बाहर एक खाली दीवार के सामने बोल रहे थे। उन्होंने अपने फॉलोअर्स को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी है, जो उन्हें डराने की एक कोशिश है।

उन्होंने कहा, "मेरा देश छोड़ने का कभी कोई इरादा नहीं था। मैं अपने पासपोर्ट सौंप दूंगा और इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ अपना बचाव करूंगा।" उनके विदेश जाने पर लगी रोक, उनके खिलाफ चल रही कई जांचों में से एक से जुड़ी है।

मंगलवार

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बोल्सोनारो पूर्वोत्तर शहर प्यूर्टो इगुआजू से उड़ान भरने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले उनके आधिकारिक काफिले को ब्रासीलिया स्थित उनके आवास से निकलते हुए देखा गया था।

शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि बोल्सोनारो उन गाड़ियों में गए थे या नहीं। इस बारे में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। न्यूज एजेंसी एएफपी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि बोल्सोनारो के ब्राजीलियाई और राजनयिक पासपोर्ट रद कर दिए गए हैं। वहीं, अमेरिकी मीडिया का कहना है कि चुनाव हारने वाले उम्मीदवार अमेरिका के रास्ते पर हैं।

ब्राजील में बोल्सोनारो के कैंपेन मैनेजर ने दावा किया कि उन्हें नहीं पता कि उनके बॉस कहां हैं। ब्रासीलिया में प्रेस से बात करते हुए हैरान-परेशान रोजेरियो मारिन्हो ने बताया, "आज सुबह मुझे उनका एक टेक्स्ट मैसेज मिला, जिसमें उन्होंने कहा कि वे आज कुछ समय बीत जाने देंगे और फिर हमसे बात करेंगे। बस इतनी ही बात हुई।"

बुधवार

बाद में एएफपी ने बताया कि जब दुनिया उनके ठिकाने को लेकर कयास लगा रही थी, तब बोल्सोनारो ब्राजील में ही थे। पड़ोसी देश के आव्रजन अधिकारियों ने बताया कि उनके देश छोड़ने की पहली खबर सामने आने के 12 घंटे से भी अधिक समय बाद बुधवार को वे सीमा पार करके अर्जेंटीना पहुंच गए।

अर्जेंटीना के अधिकारियों ने बताया कि वह ब्राजील के शहर फोज डो इगुआसु को प्यूर्टो इगुआसु से जोड़ने वाले टैंक्रेडो नेवेस इंटरनेशनल ब्रिज के जरिए वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ और बिना किसी कानूनी बाधा के अर्जेंटीना में दाखिल हुए।

भले ही उनके ब्राजीलियाई और राजनयिक पासपोर्ट रद कर दिए गए थे, लेकिन बोल्सोनारो के पास एक इतालवी पासपोर्ट भी है। यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि वह ब्रासीलिया से अर्जेंटीना कैसे पहुंचे, जो 1,500 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है।

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ब्राजीलियाई पुलिस ने बताया कि उनके देश से जाने का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। उनका कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि उन्होंने अपने पासपोर्ट क्यों नहीं सौंपे, लेकिन इसके आधार पर उन्हें भगोड़ा नहीं माना जा सकता।

अर्जेंटीना के आव्रजन अधिकारियों ने बाद में बताया कि बोलसोनारो और उनका परिवार अर्जेंटीना से एक निजी जेट के जरिए इक्वाडोर के बंदरगाह शहर गुआयाकिल पहुंचे। एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, मियामी जाने से पहले यह विमान एक लगभग खाली हवाई अड्डे पर कुछ देर के लिए रुका, जहां उसमें ईंधन भरा गया।

अर्जेंटीना से रवाना होने के लगभग 12 घंटे बाद बोल्सोनारो परिवार फ्लोरिडा के ओपा-लोका हवाई अड्डे पर पहुंचता है। बॉर्डर कंट्रोल पर नजर रखने वाले डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की वेबसाइट के अनुसार, वे अपने रद हो चुके डिप्लोमैटिक पासपोर्ट के जरिए अमेरिका में प्रवेश करते हैं।

बोल्सोनारो फैमिली का समर्थन करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की कि अमेरिका ने फ्लेवियो बोलसोनारो को देश में आने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा, "खैर, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करने जा रहा हूं लेकिन मुझे पता है कि हमने उन्हें देश में आने की अनुमति दी है, तो देखते हैं क्या होता है।"

अब वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बोल्सोनारो अमेरिका में रहते हुए ही वहां से अपना राजनीतिक कामकाज चलाने की योजना बना रहे हैं। लेकिन, अमेरिका में मध्यावधि चुनाव कुछ ही दिन दूर हैं।

सूत्रों का कहना है कि वॉशिंगटन में मौजूद सहयोगियों के दबाव के बावजूद व्हाइट हाउस से ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि टीम ट्रंप बोल्सोनारो को केवल शरण देने से आगे बढ़कर लूला की जीत को चुनौती देने के लिए अपनी राजनीतिक पूंजी खर्च करने का कोई इरादा रखती है।

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