'मैं हूं ब्राजील का असली राष्ट्रपति', चुनाव हारकर US पहुंचे बोल्सोनारो ने किया दावा; ट्रंप का भी आया रिएक्शन
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे फ्लैवियो बोल्सोनारो ने राष्ट्रपति चुनाव परिणामों को मानने से इनकार कर दिया ...और पढ़ें

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे फ्लैवियो बोल्सोनारो।
HighLights
फ्लैवियो बोल्सोनारो ने चुनाव परिणामों को मानने से किया इनकार।
मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की जीत में धांधली का आरोप।
अमेरिका से ब्राजील के विपक्ष का नेतृत्व करने की घोषणा।
डिजिटल डेस्क, ब्रासीलिया। ब्राजील की राजनीति में चुनाव के बाद सियासी गर्माहट सातवें आसामन पर है। इसी बीच पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लैवियो बोल्सोनारो ने देश में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों को मानने से साफ इनकार कर दिया है।
बात यही तक खत्म नहीं हुई, बोल्सोनारो ने खुद को देश का 'असली राष्ट्रपति घोषित किया है और आरोप लगाया है कि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत में चुनावी धांधली हुई है। बता दें कि लंबे समय तक ब्राजील की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद फ्लैवियो अपने परिवार के साथ देश छोड़कर अमेरिका पहुंच चुके हैं।
मैं भागा नहीं हूं, ब्राजील के लिए गया हूं- फ्लैवियो
बुधवार को ब्राजील के नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के नाम जारी एक लंबे बयान में फ्लैवियो ने सफाई दी कि उनके देश छोड़ने को पलायन या 'भागना' न समझा जाए। उन्होंने कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूँ कि मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं, बल्कि ब्राजील की भलाई के लिए ही बाहर गया हूं।
फ्लैवियो ने कहा कि देश में राजनीतिक उत्पीड़न और तानाशाही जैसा माहौल बन चुका है, ऐसे में अगर वे वहां रुकते तो खुलकर राजनीतिक नेतृत्व नहीं कर पाते। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली का समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया।
चुनाव में धांधली के गंभीर आरोप
बात यही तक खत्म नहीं हुई, फ्लैवियो ने दावा किया कि 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को पहले और दूसरे दौर के मतदान के बीच 10 लाख से ज्यादा वोट मिले, जो गणितीय रूप से असंभव है।
इसके अलावा, उन्होंने मतदान का समय बढ़ाए जाने और न्यायपालिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, उनके इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उनकी अपनी पार्टी लिबरल पार्टी (PL)पहले ही आधिकारिक चुनाव परिणामों को स्वीकार कर चुकी है, हालांकि उसने लोकतांत्रिक दायरे में रहकर चुनावी चिंताओं को उठाने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट पर उत्पीड़न का आरोप
फ्लैवियो ने ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाया कि वह उनके और उनके परिवार के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रहा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि उनके खिलाफ पासपोर्ट जब्त करने से लेकर हाउस अरेस्ट और राजनीतिक रूप से सजा सुनाने तक की साजिश रची जा सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं हुआ है और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
अमेरिका से ही संभालेंगे विपक्ष की बागडोर
गौरतलब है कि खुद की तुलना फ्रांस के मशहूर नेता चार्ल्स डी गॉल और वेनेजुएला के विपक्षी नेताओं से करते हुए फ्लैवियो ने कहा कि वह अमेरिका में रहकर ही ब्राजील के विपक्ष का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि वे उनकी आवाज उठाते रहेंगे जो ब्राजील में खुलकर अपनी बात कहने से डर रहे हैं।
उन्होंने सीनेट अध्यक्ष पद के लिए सीनेटर रोजेरियो मारिन्हो के नाम का समर्थन किया है और कहा है कि वे जल्द ही शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से विपक्ष को एकजुट करने की रणनीति का खुलासा करेंगे।
